
जमशेदपुर : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुआ और चाईबासा इलाके की लड़कियों के साथ तमिलनाडु के कोयंबटूर में की गयी मारपीट की घटना को झारखंड सरकार और तमिलनाडु राज्य ने गंभीरता से लिया है. इसको लेकर www.sharpbharat.com की खबर के बाद तमिलनाडु पुलिस हरकत में आयी है. वीडियो की सत्यता की जांच करने के बाद कोयंबटुर के सर्वनामपत्ती पुलिस ने छापामारी कर कंपनी के एचआर मैनेजर और लेडीज हॉस्टल के वार्डेन को गिरफ्तार कर लिया है. मिल के एचआर मैनेजर 46 वर्षीय वी मुथैया और 39 वर्षीय वार्डेन आर लथा को गिरफ्तार किया गया है और जेल भी भेज दिया गया है. दरअसल, इस मामले को ट्विटर पर शेयर किया गया. जमशेदपुर के अलावा देशभर से इसको लेकर आवाज उठायी गयी, जिसके बाद तमिलनाडु सरकार की सचिव ने मामले को संज्ञान में लिया. राज्य के आदिवासी कल्याण मंत्री चंपई सोरेन ने भी मामले को टेकओवर किया. इसके अलावा भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने ट्विटर हैंडल से सरकार को आगाह किया. इसके बाद लगातार दबाव बढ़ता गया, जिसके बाद तमिलनाडु पुलिस ने उक्त कंपनी में छापामारी की और दोनों ही जिम्मेदार अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया. 27 नवंबर को यह वीडियो बनाया गया था, जिसको लड़कियों ने ही www.sharpbharat.com को शेयर कर दिया था. इस वीडियो को देखकर सभी के रोंगटे खड़े हो गये थे. ये सारी लड़कियों को तमिलनाडु की कंपनी करपागम मिल्स इंडिया लिमिटेड में काम कराने के लिए झारखंड के पश्चिम सिंहभम जिले के सोनुआ और चाईबासा से ले जाया गया था. करीब 50 लड़कियां वहां थी. उनको वहां काम नहीं करने पर पिटाई की जाती थी. इसको लेकर एक लड़की ने इसका वीडियो बना लिया, जिसके बाद तमिलनाडु और झारखंड की सरकार हरकत में आयी और तत्काल कार्रवाई की गयी. इस मामले में तमिलनाडु के डिप्टी डायरेक्टर ऑफ इंडस्ट्रियल सेफ्टी एंड हेल्थ थंगादुराई ने थाना में केस भी दर्ज किया है. इस मामले की जांच की गयी, जिसके बाद इसको सही पाया गया. इसके बाद लड़कियों को वापस झारखंड भेजने की भई कार्रवाई की जा रही है. एचआर मैनेजर मुथैया और वार्डेन लथा के खिलाफ सेक्शन 294, 323, 324, 506 (1) आइपीसी की धारा और सेक्शन 4 के स्पेशल तमिलनाडु प्रोहिबिशन वीमेंस हराशमेंट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया और दोनों को ही जेल भेज दिया गया है. क्षेत्र की डीसीपी इएस उमा ने बताया कि इसको लेकर श्रम विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है. इसको लेकर क्षेत्र की डीसी जीएस समीरन ने बताया कि इस मामले में लिखित तौर पर रिपोर्ट मंगाया गया है. झारखंड से करीब 20 लड़कियां लायी गयी थी, जिनको वापसी की प्रक्रिया चल रही है.





