
जमशेदपुर : जमशेदपुर में हिंदू नववर्ष शोभायात्रा के दौरान झारखंड सरकार द्वारा जारी कोविड नियमों का पालन नहीं करने के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की है. इस मामले में पुलिस ने भाजपा नेता राम बाबू तिवारी समेत अन्य लोगों पर मामला दर्ज किया है. मामले को लेकर मानगो क्षेत्र के इंसिडेंट कमांडर सह अंचल अधिकारी हरीशचंद मुंडा के बयान पर उलीडीह थाना में मामला दर्ज किया गया है. इस मामले में भाजपा नेता रामबाबू तिवारी, मृतुन्जय कुमार, बॉबी सिंह, कन्हैया चौधरी, अभिषेक पांडे, संजय गोराई, प्रीति सिन्हा, अमन सिंह, मनीष, राहुल और टुनटुन को नामजद अभियुक्त बनाया गया है जबकि इस मामले में 600 अन्य को भी आरोपी बनाया गया है. इनपर कोविड नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है. बता दे कि झारखंड सरकार ने जुलूस निकालने के लिए कोविड नियम बनाए है जिसके तहत जुलूस में 100 से ज्यादा व्यक्ति शामिल नहीं हो सकते, इसके अलावा जुलूस जहां मिलते है वहां एक हजार से ज्यादा व्यक्ति जमा नहीं हो सकते. जुलूस में रिकॉर्डेड गाने या फिर डीजे पर भी प्रतिबंध है. हिन्दू नव वर्ष के मौके पर डिमना चौक एवं डिमना रोड में निकाले गए जूलुस के दौरान राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश जिसमें डीजे व प्री रिकॉर्डेड गानों के उपयोग प्रतिबंधित किया गया है के उल्लंघन को लेकर इंसिडेंट कमांडर सह अंचल अधिकारी मानगो हरीश चंद्र मुंडा द्वारा 11 नामजद एवं 600 अज्ञात के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं आईपीसी की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. इंसिडेंट कमांडर सह अंचल अधिकारी ने बताया कि जुलूस की समाप्ति के उपरांत रिकार्डेड वीडियो की समीक्षा तथा जुलूस के नेतृत्वकर्ता की पहचान की गई जिसके बाद ये प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 के मद्देनजर पर्व त्योहार मनाने को लेकर वर्तमान में जारी दिशा निर्देश में स्पष्ट है कि धार्मिक जुलूस में 100 से ज्यादा की संख्या में लोग शामिल नहीं होंगे, एक जगह जुलूस एकत्रित होता है तो 1000 से ज्यादा की संख्या नहीं होगी, डीजे या प्री रिकॉर्डेड गानों की मनाही तथा मास्क व सैनिटाइजर का प्रयोग करना है. इसी के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न मीडिया माध्यमों से प्रचार प्रसार कर जागरूकता लाने का काम किया गया था तथा जुलूस की अनुमति लेने वालों को उक्त शर्तों के साथ जुलूस की अनुमति प्रदान की गई थी. जिला प्रशासन अपील करता है कि किसी भी धार्मिक आयोजन में राज्य सरकार के दिशा निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन करें तथा विधि व्यवस्था के संधारण में अपना सहयोग दें.





