
रांची : झारखंड के कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय रेस है. प्रभार संभालते ही संगठन को मजबूत करने के लिए उन्होंने अपनी कोशिशें तेज कर दी है. इस कड़ी में गुरुवार को अविनाश पांडेय ने मीडिया को बयान जारी किया. उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में होने वाले चुनाव की चुनौतियों और तैयारियों के मद्देनज़र झारखंड प्रदेश कांग्रेस आगामी 20 फरवरी से 22 फरवरी के बीच राज्य में चिंतन शिविर का आयोजन कर रही है. झारखंड के गिरीडीह स्थित विश्व विख्यात तीर्थ पारसनाथ में आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय शिविर में राज्य के लगभग 150 पार्टी कार्यकर्ता, संगठन पदाधिकारी एवं नेता अपने-अपने विचारों को साझा करेंगे. शिविर के उद्घाटन सत्र को पार्टी के कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ऑनलाइन मोड से संबोधित करेंगे. कांग्रेस पार्टी के नीतिगत सिद्धांतों तथा राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर स्पष्टता एवं समसामयिक विषयों पर विचार विमर्श के लिए प्रतिष्ठित शिक्षाविदों को भी इस शिविर में आमंत्रित किया गया है. चिंतन शिविर के दौरान सात अलग-अलग सत्रों में चार प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श और चर्चा होगी. उल्लेखनीय है कि अलग झारखंड राज्य स्थापना से पूर्व ही कांग्रेस ने आदिवासी समुदाय तथा स्थानीय लोगों के साथ-साथ इस क्षेत्र में रह रहे अन्य नागरिकों समेत राज्य के चहुंमुखी विकास के लिए कई योजनाओं की नींव रखी थी. अविनाश पांडेय ने कहा कि खनिज संपदाओं से सम्पन्न, तत्कालीन बिहार राज्य के इस दक्षिणी हिस्सा, मौजूदा झारखंड के त्वरित विकास के लिए भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी एवं राजीव गांधी पूरी तरह से प्रतिबद्ध थे. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी झारखंड के विकास के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता को और मजबूती प्रदान की है. उन्होंने कहा है कि झारखंड के साथ यह बहुत बड़ी विडंबना रही है कि पूर्व की भाजपा सरकारों ने 18 साल के शासन में राज्य के संसाधनों का शर्मनाक
दुरुपयोग किया जिसकी वजह से झारखंड में न तो विकास का वातावरण तैयार हो सका और ना ही राज्य की प्राथमिकताएं तय हो पायी. अविनाश पांडेय ने कहा कि एक ही समय में गठित छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और झारखंड राज्यों में, जहां कांग्रेस पार्टी की सरकारों और मुख्यमंत्रियों ने उत्तराखंड एवं छत्तीसगढ़ में विकास की मज़बूत रूपरेखा तैयार की, वहीं भाजपा नेतृत्व ने झारखंड के 18 सालों में ऐसी राजनैतिक संस्कृति की नींव रखी कि राज्य हमेशा के लिए दिशाहीन हो गया और लोगों के सपने चकनाचूर हो गए. कांग्रेस की वर्तमान साझा सरकार झारखंडवासियों की आकांक्षाओं का सीधा प्रतिबिंब है. कांग्रेस पार्टी राज्य में विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ झारखंड को नई पहचान और सम्मान दिलाने के लिए सतत प्रयत्नशील है. श्री पांडेय ने बताया है कि चिंतन शिविर में राज्य के विकास में कांग्रेस पार्टी की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ, मेनिफ़ेस्टो-घोषणा पत्र की समीक्षा और भविष्य की कार्यनीति एवं रूप-रेखा पर भी विचार किया जाएगा. उन्होंने बपताया कि इसके साथ ही झारखंड राज्य के सर्वांगीण विकास एवं कांग्रेस पार्टी की भूमिका के अलावा चिंतन शिविर में कांग्रेस पार्टी का इतिहास-स्वतंत्रता आंदोलन एवं गांधी और कांग्रेस की विचारधारा के साथ ही वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा के आम चुनाव तथा राज्य के चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार, समन्वय, संगठन तथा आंदोलनों पर विचार-विमर्श कियका जायेगा. इसके अलावा राज्य सम्बंधित ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा होगी. पण्डित नेहरू के सपनों तथा डॉ मनमोहन सिंह के उदारीकरण नीति के बाद मौजूदा भारत की स्थिति पर चर्चा होगी. इसके अलावा जल, जंगल, जमीन अधिग्रहण, विस्थापन, मुआवजा, सतत विकास और औद्योगिकीकरण जैसे विषयों पर चिंतन के साथ ही आज़ादी के 75 वें वर्षगांठ पर आज़ादी के नायकों का संस्मरण और सम्मान किया जायेगा.



