
चाकुलिया : प्रखंड के गोहालडीह गांव में बीती रात हाथियों ने जमकर उपद्रव मचाया. हाथियों ने करीब 8 घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया. रात भर हाथी गांव में घूम-घूम कर उपद्रव मचाते रहे और ग्रामीण अपनी जान बचाने की गुहार लगाते रहे. हाथियों के भय से उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय में 35 बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं. 30 सबर परिवार स्कूल की छत पर रात गुजार रहे हैं. हाथियों के भय से सबर परिवार अपने रिश्तेदारों के घर पलायन कर रहे हैं. करीब एक दर्जन सबर परिवार पलायन कर गए हैं. ग्रामीणों के मुताबिक शाम होते ही हाथी जंगल से निकलकर गांव में घुस जाते हैं और तोड़फोड़ करने लगते हैं. ज्ञात हो कि इस गांव में हाथी पिछले 3 दिनों में 3 लोगों की जान ले चुके हैं. गांव छोड़ अपने बच्चों के साथ मायके जा रही जोबा सबर ने बताया कि हाथी के भय से विगत 4-5 दिनों से वे सभी अपने घर में न रहकर गांव में दूसरे के घर रह रही थीं. कहा कि दूसरे के घर में कितने दिनों तक बच्चों के साथ रहती बच्चे हैं. टॉयलेट और बाथरूम कहां जाएंगे. जिस कारण वह परिवार संग अपने मयके जा रही हैं. कहा कि गोहालडीह गांव में हाथी का आतंक समाप्त होने पर वह परिवार समेत वापस गांव लौटेंगी. वही गोहालडीह सबर प्राथमिक विद्यालय में हाथी के भय से आज भी बच्चे स्कूल नही पहुंचे थे, बिधालय के शिक्षक ने बताया कि बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि जबतक गांव से सटे साल जंगल से हाथी नही जाते तबतक वे सभी अपने बच्चों को स्कूल नही भेजेंगे. हाथी का आतंक गोहालडीह सबर टोला में इस कदर है कि ग्रामीण गांव छोड़ रहे हैं. सोमवार की रात सबर टोला के सबर परिवार स्कूल के छत पर शर्द रात भी हाथी के भय से खुले आसमान के नीचे रात गुजारी.

झारखंड और बंगाल के वन अधिकारियों ने हाथी भगाने की टीम के साथ गांव में रात भर किया कैम्प
गोहालडीह गांव में बीती रात डीएफओ डॉ अभिषेक कुमार की पहल पर पश्चिम बंगाल और झारखंड की हाथी भगाने की टीम ने संयुक्त रूप से गोहालडीह में कैम्प किया. रात भर वन अधिकारीयों के नेतृत्व में हाथी को गांव से सटे साल जंगल से भगाने का प्रयास किया. देर रात तक वन विभाग के पदाधिकारी और कर्मियों ने मशाल जलाकर हाथी को गांव से दूर भगाते रहे. वन विभाग के पदाधिकारीयों ने सुरक्षा के मद्देनजर गोहालडीह के कई सबर परिवार को रात में स्कूल की छत पर और गांव के सामुदायिक भवन की छत पर चढ़या, ताकि किसी सबर परिवार को किसी तरह की जान-माल की क्षति न हो. वन विभाग की टीम रात भर गोहालडीह गांव में कैम्प कर हाथी को गोहालडीह के साल जंगल से निकालकर बाहर ले गयी, परंतु टीम को ज्यादा सफलता नहीं मिली है. हाथियों का दल टीम को चकमा देकर गोहालडीह से कुछ दूरी पर स्थित बांकशोल और दक्षिणशोल गांव के बीच से निकल भागा. वन विभाग के अनुसार हाथियों का दल अब भी गांव से सटे जंगलों में है, परंतु सुबह 11 बजे तक किसी भी गांव से हाथी होने की सूचना नहीं मिली है. जानकारी के अनुसार आज भी वन विभाग की टीम द्वारा रात में कैम्प कर हाथियों के दल को गांव से दूर भगाने का प्रयास किया जाएगा.

शाम ढलते ही गजराज का गांव में होता है राज, सर्द रात में भी घर छोड़ कर स्कूल की छत पर रात गुजार रहें हैं ग्रामीण
चाकुलिया प्रखंड की कालापाथर पंचायत के गोहालडीह सबर टोला में विगत 5-6 दिनों से हाथी के आतंक से ग्रामीण भयभीत हैं. शाम ढलते ही ग्रामीण और गजराज के बीच आतंक का खेल शुरू हो जाता है. रात भर गजराज गांव में घुस कर उत्पात मचाते रहते हैं और ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते रहते हैं. शाम ढलते ही गजराज और ग्रामीण अपने घर छोड़ रहे हैं. शाम होते ही गजराज अपना घर (ठिकाना) जंगल छोड़ गांव में घुस जाते हैं, तो दूसरी ओर ग्रामीण अपना घर छोड़ परिवार संग स्कूल की छत पर शरण लेकर किसी तरह अपनी जान बचा रहे हैं. शाम ढलते ही गांव पर पूर्ण रूप से गजराज का राज स्थापित हो जाता है. गजराज गांव के घर-घर घूम कर खाने की तलाश में घरों को तोड़ रहे हैं. आलम यह है कि गजराज के भय से कई सबर परिवार गांव छोड़कर अपने करीबी और रिश्तेदारों के यहां पलायन कर गये हैं. गजराज के आतंक से गोहालडीह, मौराबांधी समेत आसपास के गांव के ग्रामीण भी भयभीत हैं. शाम होते ही ग्रामीण गजराज के भय से परिवार सहित किसी सुरक्षित स्थान पर चले जा रहे हैं. ग्रामीणों ने बताया कि गजराज का आतंक इतना बढ़ गया है कि शाम ढलते ही गजराज के भय से सहम जा रहे हैं. उनका घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. गजराज के भय से ग्रामीण डर के साये में रात गुजार रहें हैं.







