
चाकुलिया : चाकुलिया के डाकबंगला परिसर में शनिवार को प्रखंड के हाथी प्रभावित गांव के ग्राम प्रधान और पंचायत जन प्रतिनिधियों की एक बैठक श्रीमत बारिक की अध्यक्षता में हुई. बैठक में हाथी से हो रहे जान-माल की क्षति पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई. बैठक में निर्णय लिया गया कि 14 मार्च को पुन: ग्रामीणों की बैठक कर वन विभाग के पदाधिकारी को मांग पत्र सौंप कर हाथियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की मांग की जाएगी.
कहा गया कि इस कार्य के लिए वन विभाग के पदाधिकारी को कुछ दिनों की मोहलत दी जाएगी, ताकि विभाग हाथियों को गांव से दूर किसी सुरक्षित स्थान तक ले जा सके. इसके बाद भी अगर विभाग द्वारा उचित पहल नहीं की गया तो ग्रामीण विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन करेंगे.
जन अधिकार सुरक्षा कमेटी का गठन
बैठक में सर्वसम्मति से जन अधिकार कमेटी का गठन किया गया. इसमें अध्यक्ष भागवत टुडू, सचिव कान्हाई गोप, कोषाध्यक्ष रूबाई चन्द्र टुडू, उपाध्यक्ष बैधनाथ मुर्मू, लाखाई मुर्मू, जयदेव सिंह, दुर्गाचरण मांडी, अजय नायक, रविन्द्र नाथ मुंडा,धनेश्वर हांसदा, चेतन टुडू समेत दर्जनों कार्यकारिणी सदस्य का बनाया गया.
बैठक में श्रीमत बारिक ने कहा कि सरकार वन संशोधन कानून के साथ छेड़-छाड़ कर रही है. ऐसा करके सरकार आदिवासियों से जल, जंगल और जमीन से अधिकार छिनने का काम कर रही है. सिद्धू-कान्हु, बिरसा मुंडा के आंदोलन से वन अधिनियम बना था. सीएनटी, एसपीटी एक्ट आदिवासियों का सुरक्षा कवच है. इस अधिनियम में संशोधन होने से आदिवासी-मूलवासी अपना अधिकार पाने से वंचित हो जायेंगे. सरकार की नीतियों के खिलाफ जन अधिकार सुरक्षा कमेटी 30 मार्च को दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन करेगी. बैठक में प्रखंड के लोगों से इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गयी है.







