
जमशेदपुर : जमशेदपुर में कोरोना वायरस को लेकर लगातार सतर्कता बरता जा रहा है. इसको लेकर एक एसटीएफ भी बना दिया गया है, जो पूरे झारखंड में कोरोना वायरस के मरीजों पर निगाह रख रही है. इस कड़ी में जमशेदपुर एसटीएफ गुप्त सूचना के आधार पर मानगो थाना अंतर्गत रोड नंबर 12 से पूणा से आए एक ट्रेलर चालक को सुरक्षा में लेकर एमजीएम अस्पताल पहुंचा जहां चालक का जांच कराया गया. वैसे रिपोर्ट आने तक चालक को क्वारंटाइन में रहने का निर्देश दिया गया है.

दूसरी ओर, पूरा विश्व कोरोना के संकट से जूझ रहा है. वहीं कोरोना पीड़ितों की सेवा में दिन रात लगे चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा बेहद जरूरी हो गया है. इसको ध्यान में रखते हुए कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम में खास एहतियात बरती जा रही है. आपको बता दें कि अस्पताल में काम करनेवाली नर्सों को अस्पताल विशेष एंबुलेंस से लाया जा रहा है एवं पहुंचाया रहा है. वहीं अस्पताल को हर घंटे सैनिटाइज किया जा रहा है. इस संबंध में अस्पताल के एंबुलेंस चालक ने बताया कि तीनों शिफ्टों के नर्सों को पूरी सुरक्षा में लाया और पहुंचाया जा रहा है. वहीं अस्पताल के अधीक्षक ने बताय कि अब तक जितने भी मरीजों के टेस्ट किए गए हैं, सभी के रिपोर्ट नेगेटिव पाए गए हैं. उन्होने बताया कि सात लोगों को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है. अधीक्षक ने बताया मरीजों की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है, साथ ही अस्पताल को हर घंटे सेनेटाईज किया जा रहा है.

इस बीच एक बड़ा फैसला लेते हुए जमशेदपुर के उपायुक्त रविशंकर शुक्ला ने एक आदेश निकाला है, जिसमें यह कहा गया है कि सरकार के गाइडलाइन के मुताबिक, कोरोना वायरस का अगर कोई भी पोजिटिव मरीज मिलता है तो उस इलाके के तीन किलोमीटर के एरिया को सील कर दिया जायेगा और पूरे इलाके की गहन छानबीन से लेकर निगरानी के साथ-साथ वहां रहने वाले लोगों की जांच की जायेगी. शनिवार को उपायुक्त ने इसके संबंध में आदेश जारी किया है, जिसके तहत कांटेनमेंट जोन और बफर जोन चिन्हित किया गया है, जिसके जरिये मरीजों की पहचान की जायेगी. इसके तहत अगर कोई प पोजिटिव मरीज पाये जाते है तो मरीज के घर के आसपास के तीन किलोमीटर के दायरे को कंटेनमेंट जोन और सात किलोमीटर तक के एरिया को बफर जोन माना जायेगा. इसके तहत घर-घर जाकर कोरोना वायरस के मरीज है या नहीं और जांच के लिए आइसोलेशन में लोगों को रखने का काम किया जायेगा.





