
सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखड क्षेत्र के मुडीयापाड़ा गांव में हेमंत कुमार मोदक उर्फ रातू नाम का एक युवक पिछले तीन दिन से एक ही जगह पर मूर्ति की तरह खड़ा है. वहीं एक ही जगह खड़े-खड़े युवक के पैरों में सूजन आ गई है. शरीर सूखने लगा हैं. मगर आश्चर्य की बात ये है कि युवक को न धूप का अहसास हो रहा है और न ही बरसात का. वैसे युवक के इस अजीबोगरीब हालात में खड़ा देख परिजन सहित हर कोई हैरान परेशान है. वहीं इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है. आखिर कैसे कोई इस तरह से एक ही जगह बिना हिले- डुले खड़ा रह सकता है. वो भी एक- दो घण्टा नहीं बल्कि तीन दिनों से. बताया जा रहा है कि युवक पूरी तरह से अपनी सुध- बुध खो बैठा है. वहीं युवक की ऐसी स्थिति से उसके परिजन पूरी तरह से हैरान-परेशान हैं. बताया जा रहा है कि युवक अपना मानसिक संतुलन हो चुका है और पिछले दो दिनों से खाना पीना भी बंद कर दिया है. परिवार वाले उसे ढोकर घर में बिठाने की कोशिश करते परंतु फिर से वह वहीं पर आकर खड़ा हो जाता है. बैठता भी नहीं है, खड़ा ही रहता है. उसे धूप और बरसात का कोई अहसास नहीं हो रहा है. यहां तक कि वह सो भी नहीं पा रहा है. वहीं युवक इस हालत से के माता पिता काफी परेशान है. घर पर युवक के बूढ़े मां बाप अकेले हैं. एक बहन की शादी हो चुकी है. बताया जाता है कि हेमंत के अलावे परिवार में दूसरा कोई और कमाने वाला नहीं है. हालांकि पड़ोसियों के अनुसार हेमंत पिछले 2 महीने से अपना मानसिक संतुलन धीरे धीरे खोता जा रहा है. आज स्थिति यह है कि यह एक जगह पर खड़ा है. पिछले दो दिनों से खाना पीना भी छोड़ दिया है. न बैठता है न सोता है। परिवार वाले घर के अंदर घुसाते हैं फिर वह चलकर वहीं आकर खड़ा हो जाता है. पड़ोसी समीर मोदक बताते हैं कि हेमंत का जमशेदपुर के किसी मनो चिकित्सक से इलाज चल रहा था. दवा असर भी करने लगा था, लेकिन लॉकडाउन के बाद से दवा भी नहीं खा पाया. हेमंत ही परिवार का एकमात्र कमाने वाला है. माता-पिता वृद्ध अवस्था में है. बताया जाता है कि राजनगर के साहू कॉलोनी में इनका इलेक्ट्रॉनिक दुकान भी है. जहां वह रिपेयर और सेल का काम करते थे. लॉकडाउन के बाद काम धंधा भी चौपट हो गया. पड़ोसी आशंका जताते हैं कि शायद अधिक तनाव की वजह से इनकी स्थिति इस तरह हुई है. वहीं पड़ोसियों ने सरकार से गुहार लगाई है कि उन्हें इलाज कराने की व्यवस्था करें. क्योंकि परिवार इलाज कराने में सक्षम नहीं है. हेमंत के माता-पिता ने बताया के पहले वह बिल्कुल ठीक-ठाक था. पिछले दो महीने से मानसिक संतुलन बिगड़ता गया. घर में हम दोनों अकेले बूढ़ा- बूढ़ी हैं. हेमंत ही कमाकर परिवार चलाता था. इसी वर्ष इसकी शादी भी हुई थी, लेकिन शादी के बाद से हेमंत की स्थिति और ज्यादा खराब हो गई.







