
जमशेदपुर : महाराष्ट्र में टेलीविजन पत्रकार अर्नब गोस्वामी के बलपूर्वक गिरफ्तारी पर पूरे देश में उबाल है. लौहनगरी जमशेदपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पत्रकार अर्नब गोस्वामी के समर्थन में एवं कांग्रेस समर्थित महाराष्ट्र सरकार के विरोध में मशाल जुलूस निकाला. गुरुवार को भाजपा महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय से साकची गोलचक्कर तक मशाल जुलूस निकालकर विरोध दर्ज किया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी ध्वज व मशाल लेकर उद्धव सरकार व कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की और अर्नब गोस्वामी को रिहा करने की मांग की. इस दौरान प्रदेश मंत्री रीता मिश्रा, कल्याणी शरण, पवन अग्रवाल, सुधांशु ओझा, संजीव सिन्हा, बारी मुर्मू, बबुआ सिंह, अनिल मोदी, राकेश सिंह, मंजीत सिंह, पुष्पा तिर्की, पप्पू सिंह, प्रेम झा, नारायण पोद्दार, विनोद कुमार सिंह, कौस्तव राय, जटा शंकर पांडेय, हरिकिशोर तिवारी, बजरंगी पांडेय, सुरेश शर्मा, जितेंद्र सिंह, संतोष ठाकुर, अजय सिंह, बबलू गोप, राजेश सिंह, प्रशांत पोद्दार, विनोद राय, संजय सिंह, संदीप शर्मा बॉबी, हेमेंद्र जैन, त्रिदेव चटराज, काजू सांडिल, श्रीराम प्रसाद, भूपेंद्र सिंह, हरि किशोर तिवारी, मनोज वाजपेयी, कुमार अभिषेक, सुमित श्रीवास्तव, प्रदीप मुखर्जी, अभिमन्यु सिंह चौहान, गणेश मुंडा, मोंटी अग्रवाल समेत अन्य भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे. (आगे की खबर नीचे पढ़ें)
भाजपा ने किया संवाददाता सम्मेलन में विरोध
महाराष्ट्र सरकार द्वारा रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कुठाराघात है एवं लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है. उक्त बातें भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिनेशानंद गोस्वामी ने भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहीं. उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि यह गिरफ्तारी कांग्रेस पार्टी के इशारे पर हुई है. उन्होने कहा कि कांग्रेस की कार्यशैली शुरू से ही निरंकुश एवं सामंतवादी रही है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस द्वारा अर्नब गोस्वामी को प्रताड़ित करते हुए गिरफ्तार करना शर्मनाक है तथा सरकार के निरंकुश रवैये को दर्शाता है. मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है. यह लोकतंत्र का सजग प्रहरी है. जन संचार माध्यम समाज का आईना होता है. रिपब्लिक टीवी ने महाराष्ट्र की सच्ची तस्वीरें को दिखाने का ही प्रयास किया है. कांग्रेस, शिवसेना तथा राकांपा परिवारवादी तथा तानाशाही रवैया रखने वाली पार्टी है. सन् 1975 में भी कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर प्रेस की आजादी को समाप्त करने का प्रयास किया था. अपनी आलोचनाओ का बदला लेते हुए कांग्रेस के इशारे पर महाराष्ट्र सरकार ने अर्नब को गिरफ्तार कर प्रेस की आजादी पर हमला किया है. महाराष्ट्र में आपातकाल जैसा माहौल बन गया है. डॉ गोस्वामी ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी तथा असहमति लोकतंत्र के अलंकार हैं. सच्चे औऱ निर्भीक पत्रकार शासन, प्रसाशन की नकारात्मक औऱ सकारात्मक सभी पहलुओं को उजागर करने का काम करते है. अर्नब गोस्वामी को इसी पत्रकारिता धर्म के निर्वाहन की सजा महाराष्ट्र सरकार ने दी. (आगे की खबर नीचे पढ़ें)

उन्होंने कहा कि दरअसल महाराष्ट्र सरकार के सभी घटक दल पत्रकारों के प्रति संवेदनहीन है. कांग्रेस,राकांपा,शिवसेना सभी दलों में आंतरिक लोकतंत्र का अभाव है. ये सभी एक परिवार विशेष की पार्टियां बनकर रह गईं है. उन्होनें कहा कि महाराष्ट्र सरकार के इस कृत्य से पूरे देश में उबाल है. देश का युवा सड़कों पर है. इसके विरोध में भाजपा आज पूरे देश में मशाल जुलूस निकाल रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी की अविलंब रिहाई की मांग करती है. संवाददाता सम्मेलन में डॉ गोस्वामी के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष गुंजन यादव, प्रदेश मंत्री रीता मिश्रा, जिला महामंत्री अनिल मोदी भी उपस्थित थे.







