
हाईकोर्ट ने पूछा-सरकार शिक्षक नियुक्ति पर क्यों नहीं लिया निर्णय, कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
राज्य के गैर अनुसूचित जिलों के हाई स्कूलों में संस्कृत शिक्षक नियुक्ति मामले में दायर अवमाननावाद याचिका पर सुनवाई हुई. इस दौरान अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से पूछा कि संस्कृत शिक्षक की नियुक्ति पर सरकार ने अभी तक निर्णय क्यों नहीं लिया. राज्य सरकार को मामले में 3 सप्ताह में जवाब पेश करने का आदेश दिया गया है. इस मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी. हाइकोर्ट के अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने बताया कि झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में हाई स्कूल में संस्कृत शिक्षक नियुक्ति मामले को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई. न्यायाधीश संजय कुमार द्विवेदी ने अपने आवासीय कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामले की सुनवाई की. वहीं, याचिकाकर्ता के अधिवक्ता और सरकार के अधिवक्ता ने अपने-अपने आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपना पक्ष रखा. अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद राज्य सरकार
से पूछा कि संस्कृत शिक्षक की नियुक्ति पर अभी तक निर्णय क्यों नहीं लिया है. उन्होंने राज्य सरकार को इस मामले में 3 सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है. मामले की अगली सुनवाई सरकार का जवाब आने के बाद होगी.
आरके आनंद पर दर्ज प्राथमिकी रद्द नहीं होगी
झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस एके चौधरी की अदालत से 34वें राष्ट्रीय खेल घोटाला मामले में आरोपी नेशनल गेम आर्गेनाइजिंग कमेटी (एनजीओसी) के तत्कालीन कार्यकारी अध्यक्ष आरके आनंद को बड़ा झटका लगा है. अदालत ने इस मामले में आरके आनंद के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने से इनकार करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी है. इस मामले में पूर्व में दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी होने पर अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखा लिया था. मंगलवार को अदालत ने आरके आनंद की याचिका को खारिज कर दिया. पिछली सुनवाई के दौरान आरके आनंद की ओर से अदालत को बताया गया था कि इस मामले में उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है. उन्होंने गड़बड़ी की शिकायत की थी, लेकिन उन्हें ही इस मामले अभियुक्त बना दिया गया. वहीं, सरकार का कहना था कि एसीबी जांच में आरके आनंद के खिलाफ सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के पर्याप्त सबूत मिले हैं. निचली अदालत में आरके आनंद के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल किया जा चुका है.
कुंदन पाहन की जमानत पर हुई सुनवाई, एनआइए ने मांगा समय
सरेंडर कर चुके कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन की जमानत याचिका पर एनआइए की विशेष कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान एनआइए की ओर से अधिवक्ता ने अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा. समय मांगे जाने के आग्रह को अदालत ने स्वीकार करते हुए जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 16 जुलाई की तिथि निर्धारित की है. अब कुंदन पाहन की
जमानत याचिका पर एनआइए की स्पेशल कोर्ट में 16 जुलाई को सुनवाई होगी.




