
जमशेदपुर : सरायकेला-खरसावां जेल के कैदी उमेश सहिस की एमजीएम अस्पताल में संदेहास्पद मौत के बाद परिजनों ने सरायकेला पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है. इस मामले को ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क संस्था ने संज्ञान में लिया है. उमेश को शनिवार की दोपहर गंभीर अवस्था में सरायकेला जेल प्रशासन ने एमजीएम अस्पताल पहुंचाया था जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उसे थाने में ले जाकर पिटाई की है जिससे उसकी मौत हो गई है. मृतक की पत्नी उषा सहिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि 30 नवंबर की देर रात पुलिस उसके पति को हत्या के आरोप में उठाकर ले गई और उसकी पिटाई की. दो दिन बाद उसे जेल भेज दिया. दो दिन तक थाने में उसकी पिटाई की गई. रविवार को उमेश के शव का पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के बीच करने की तैयारी चल रही है इसके लिए गम्हारिया बीडीओ मारुति मिंज को दंडाधिकारी नियुक्त किया गया है. संस्था के कार्यकर्ता अर्नब सेन ने बताया कि उसके परिजनों ने संपर्क कर जानकारी दी थी जिसके बाद उन्होंने मामले को संज्ञान में लिया है. उमेश के शरीर में चोट के निशान भी पाए गए है. पोस्टमार्टम होने के बाद मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा.





