जमशेदपुर : कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने डीपीआइआइटी द्वारा नेशनल ट्रेड पालिसी के ड्राफ्ट को विभिन्न मंत्रालयों को भेजे जाने के कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे देश के खुदरा व्यापार में निश्चित रूप से काफी बढ़ोतरी होगी. कैट के सचिव सुरेश सोंथालिया ने इस संबंध में बयान जारी कर कहा है कि कैट लंबे समय से हर फोरम पर इसकी मांग उठाता रहा है. हालांकि उन्होंने इस पॉलिसी रिटेल व्यापार के केवल 20 फीसदी हिस्से को ही ऑनलाइन बेचे जाने की अनुमति देने का विशिष्ट प्रावधान किये जाने की जरूरत बताई है. उन्होंने यह भी कहा कि इस पॉलिसी को लागू करने से पूर्व व्यापारियों को विश्वास में लिया जाना भी बेहद जरूरी है. (नीचे भी पढ़ें)
श्री सोंथालिया ने भारतीय रिटेल बाजार को सालाना 130 लाख करोड़ रुपये का बताते हुए कहा है कि इसमें हर वर्ष 10 फीसदी की बढ़ोतरी होती है. किन्तु, उन्होंने कहा, दुर्भाग्य वश जहां देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े हर वर्ग के लिए जहां मंत्रालय एवं पॉलेसी है, इतने ब़ड़े रिटेल व्यापार के लिए कोई मंत्रालय या पॉलिसी नहीं है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खुदरा व्यापार नीति देश की अर्थ व्यवस्था एवं व्यापार के लिए बूस्टर साबित होगी. उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स नीति एवं ई-कॉमर्स के लिए नियमों के अभाव में नेशनल ट्रेड पालिसी एक अधूरी कवायद साबित होगी, जिसका आंशिक लाभ ही मिल पायेगा. उन्होंने रिटेल व्यापार में चार वर्ग – कॉरपोरेट रिटेल, गैर-कॉरपोरेट रिटेल, ई-कॉमर्स एवं डायरेक्ट सेलिंग के लिए एक सशक्त नेशनल रिटेल ट्रेड पॉलिसी लागू किये जाने की मांग की जिसके तहत चारों वर्ग आपसी सहभागिता के साथ काम कर सकें एवं एक-दूसरे के व्यापार को हानि न पहुंचाएं.



