नयी दिल्ली: रेलवे बोर्ड ने मालगाड़ियों के ट्रैक से उतरने जैसी घटनाओं को लेकर काफी गंभीर है. मालगाड़ियों में अनियमित ब्रेक की समस्या से जूझ रहे रेलवे ने इनकी गति को और कम करने का निर्णय लिया है. इसके तहत गति कम करने के लिए नयी ब्रेकिंग प्रणाली की तलाश में है. इससे संबंधित जानकारी के लिए रेल मंत्री अश्विनी बैष्णव ने अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की. इस बैठक में अधिकारियों ने बताया कि लोडेड गुड्स ट्रेन की गति को करीब 30-40 किलो प्रति घंटे तक कम किया जा सकता है. फिलहाल खाली गुड्स ट्रेन को धीमी गति से चलाने पर जोर दिया जा सकता है. इस मामले में जर्मन कंपनी ने एक सुझाव दिया है.हलांकि यह कंपनी भी रेलवे को खुश नहीं पायी है, इस मामले का ठोस समाधान नहीं दे पायी.(नीचे भी पढ़े)
बीते दिनों घटनाओं का सामना करते हुए रेलवे ने मालगाड़ियों की गति को नीचे की ओर 50 किमी प्रति घंटे व समतल स्थान पर 60-65 किमी प्रति घंटे की गति से कम करने का फैसला किया है. रेल सूत्रों ने बताया कि अब गुड्स ट्रेन की गति और कम करने का प्लान बनाया जा रहा है. हम भविष्य में एक नयी ब्रेकिंग प्रणाली के लिए वैश्विक विशेषज्ञता का पता लगाएंगे. हम देखेंगे कि हमारे पास जो पहले से है उसमें हम कितना बेहतर कर सकते है, इसके क्या क्या उपाय है, इसके बाद ही हम फैसला लेंगे. गुड्स ट्रेन की समस्या का निदान करना बहुत ही जरुरी है, बोगी- माउंटेड ब्रेक सिस्टम का उपयोग केवल मालगाड़ियों में किया जाता है, जिसमें काफी अधिक पावर ब्रेकिंग की आवश्यकता होती है.



