जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों के लिए चलने वाले लीव बैंक में नये नियमों को जोड़ा गया है. इसके तहत अब कर्मचारियों को लीव बैंक से 20 दिन का बेसिक व डीए मिला करेगा जो पहले 15 दिन का ही मिलता था. गुरुवार को लीव बैंक कमेटी की हुई अहम बैठक में यह फैसला लिया गया. गुरुवार को हुई इस बैठक में मैनेजमेंट की ओर से वीपी एचआरएम अतरई सान्याल, जुबिन पालिया, राहुल दुबे, शार्दुल कुमार जबकि टाटा वर्कर्स यूनियन की ओर से अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु और महामंत्री सतीश सिंह मौजूद थे. इस मीटिंग के दौरान तय हुआ कि जो जरूरतमंद व्यक्ति है, उसको थोड़ी और राहत दी जाये क्योंकि लीव बैंक में लीव ज्यादा है, लोग इसका लाभ उठा सकते है. इस दौरान तय किया गया कि अभी जो 15 दिनों का बेसिक व डीए छुट्टी लेने पर मिलता है, उसको 20 दिन तक दिया जायेगा. लेकिन यह भी तय किया गया कि जो आदतन छुट्टी लेता है, नशेड़ी है और किसी तरह का जानबूझकर छुट्टी लेने की परिस्थिति पैदा करता है, उसको इसका लाभ नहीं दिया जायेगा. (नीचे भी पढ़ें)
वैसे यह नियम पहले ही तय था, लेकिन अब इसको सख्ती से लागू करने का फैसला लिया गया. इस दौरान यह भी तय किया गया कि अगर कोई व्यक्ति बीमार पड़ गया है, अनफिट हो या है, उसका पीएल और सिक लीव खत्म हो गया है और कैजुअल लीव बचा हुआ है तो उसको भी लीव बैंक से लाभ दिया जायेगा. पहले लीव बैंक से छुट्टी तब मिलती थी, जब पीएल, सिक लीव और कैजुअल लीव पूरे तौर पर खत्म हो जाती थी. लेकिन अब कैजुअल लीव होते हुए भी लीव बैंक से छुट्टी मिल जायेगी. दरअसल, यह देखा गया कि काफी कर्मचारी ऐसे है, जिनका सारा लीव खत्म हो जाने के बाद जब ठीक होकर ड्यूटी ज्वाइन करते है तो उनकी एक भी छुट्टी नहीं होती थी और उनको छुट्टी लेना जरूरी हो जाता था. ऐसे में यह कैजुअल लीव होने से कर्मचारी छुट्टी कम से कम आपात स्थिति में ले सकेगा. इसको देखते हुए यह बदलाव किया गया. गुरुवार को हुई इस बैठक में लीव बैंक कमेटी ने 14 केस में से 12 केस को मंजूरी दी.




