नयी दिल्ली: सम्मेद शिखर को पर्यटक स्थल घोषित करने के विरोध में जैन मुनि सुज्ञयसागर का जयपुर में निधन हो गया. जैन मुनि सुज्ञय सागर सम्मेद शिखर को बचाने के लिए नौ दिन से जयपुर के सांगानेर स्थित जैन मंदिर में आमरण अनशन पर थे. उनके निधन के वाद यह मामला और गहरा गया है. मुनि सुज्ञयसागर को सांगानेर में ही समाधि दे दी गयी.(नीचे भी पढ़े)
विदित हो कि सम्मेद शिखर पारसनाथ को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने के बाद मुनि ने आमरण अनशन शुरु कर दिया था. मुनि श्री सम्मेद शिखर से भी जुड़े हुए थे. मालूम हो कि झारखंड के गिरीडीह जिले में स्थित पारसनाथ पहाड़ी को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने के विरोध में देश भर में विरोध प्रदर्शन चल रहा है. पारसनाथ पहाड़ी दुनिया भर के जैन धर्मावलंबियों के बीच सर्वोच्च तीर्थ सम्मेद शिखरजी के रुप में प्रसिद्ध है. मुनि सुज्ञय सागर ने अनशन शुरु कर तीर्थ को बचाने की पहल की थी.




