रांची : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गिरफ्त में आए ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख इंजीनियर वीरेंद्र कुमार राम पूछताछ में नए नए खुलासे कर रहे है.उनके कॉल रिकॉर्ड्स से इस बात का खुलासा हुआ है कि वीरेंद्र राम करीब 18 विधायक, मंत्री और वरिष्ठ आइएएस अधिकारी के संपर्क में थे. सभी अपने पसंद के ठेकेदार को काम दिलाने के लिए उनसे फोन पर बात करते थे. जानाकारी के अनुसार विधायकों में दो महिला विधायक शामिल है, वह भी उनसे संपर्क में रहती थीं. इसके अलावे वरिष्ठ आइएएस अधिकारी टेंडर मैनेज को लेकर वीरेंद्र राम से अक्सर बात करते थे. एक आइएएस अधिकारी ने वीरेंद्र राम को निर्देश दिया था कि जो पांच प्रतिशत कमीशन देगा, उसे ही काम मिलेगा. वीरेंद्र राम और उनके संपर्क में रहनेवालों के बीच बातचीत का ईडी ने खुलासा किया है कि विधायक, मंत्री नियमित रूप से वीरेंद्र राम से बात करते थे. उनकी पसंद के ठेकेदारों का काम देने और अन्य ठेकेदार को निविदा प्रक्रिया से बाहर करने के लिए अयोग्य घोषित करने के लिए कहा जाता था. ईडी ने पूछताछ के दौरान रिकार्डिंग वीरेंद्र राम को भी सुनायी, जिसमें आवाज की पहचान की है.(नीचे भी पढ़े)
टेंडर मैनेज के खेल में वीरेंद्र राम की अहम भूमिका थी. टेंडर मैनेज करने के लिए वीरेंद्र राम कमीशन लेता था जो उच्च अधिकारी और मंत्रियों के बीच बंटता था. जांच के दौरान वरिष्ठ नौकरशाहों और राजनेताओं के भी नाम सामने आये हैं, जिनकी जांच ईडी द्वारा की जा रही है. बता दें कि वीरेंद्र राम के ठिकाने पर लगातार दो दिनों तक चली छापेमारी में ईडी ने डेढ़ करोड़ के गहनों के अलावा 25 लाख नकदी सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और 125 करोड़ की चल अचल संपत्ति होने के सबूत ईडी को मिले हैं. इसके बाद ईडी ने वीरेंद्र राम को पहले हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की और फिर देर रात उन्हें गिरफ्तार करने के बाद ईडी की विशेष अदालत में वीरेंद्र राम को पेश किया गया. जहां ईडी कोर्ट ने पूछताछ के लिए 5 दिन का रिमांड ईडी को सौंप दिया. बीते मंगलवार को रिमांड खत्म होने पर दोबारा ईडी की तरफ से रिमांड की मांग की गयी, ईडी की विशेष अदालत ने चार दिन की रिमांड ईडी को दी.




