
जमशेदपुर : जमशेदपुर के बागबेड़ा रेलवे ट्राफिक कॉलोनी में लीजधारी को कब्जा दिलाने के लिए गयी आरपीएफ और रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग को जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा. रेलवे के ही कर्मचारी और उनके परिजनों ने पहले तो विरोध कर दिया और जब रेलवे के अधिकारी नहीं माने तो आत्मदाह करने की कोशिश की.(नीचे भी पढ़े)
इसमें मां बेटी तो बच गयी, लेकिन रेलवे का कर्मचारी सुनील पिल्लई बुरी तरह जल गया, जिसको इलाज के लिए टीएमएच के बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया है. बताया जाता है कि उक्त जमीन ओम प्रकाश कसेरा नामक व्यक्ति को लीज पर दे दिया गया है. रेलवे के कर्मचारी सुनील पिल्लई का कहना है कि वह जमीन उनके नाम पर है और उनके पिता के नाम पर है..(नीचे भी पढ़े)
उसके भाई और अन्य लोगों ने मिलकर उक्त लीज की जमीन को ओमप्रकाश कसेरा को दे दिया. ओमप्रकाश कसेरा के साथ मिलकर रेलवे के अधिकारी अब उनको कब्जा जमाना चाहते है. आखिर सवाल उठता है कि 1984 के बाद रेलवे ने जमीन अलाट्मेंट करना बंद कर दिया है तो फिर कैसे ओमप्रकाश कसेरा के नाम से लीज हो गया.



