गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले के डुमरी में उपचुनाव पांच सिंतबर को होगा. चुनाव के मद्देनजर सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया है. पांच सितंबर के दिन डुमरी विधानसभा क्षेत्र में सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे. यह छुट्टी मतदान के लिए है ताकि लोग अपने मत का प्रयोग कर सकें. कार्मिक विभाग ने इसे लेकर आदेश जारी कर दिया है. उपचुनाव को लेकर चुनाव आयोग और प्रशासन की तैयारियां लगभग पूरी हो गयी है. उपचुनाव के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे, कुल 1440 जवानों की पोस्टिंग की गयी है. झारखंड पुलिस मुख्यालय की ओर से निर्देश जारी कर दिया गया है. इस उपचुनाव को शांतिपूर्ण कराने के लिए जैप,आईआरबी और एसआईआरबी के जवानों को लगाया गया है.(नीचे भी पढ़े)
इस बार डुमरी उपचुनाव में एक महिला ही दूसरे महिला को चुनौती दे रही है. एक तरफ एनडीए की ओर से आजसू उम्मीदवार यशोदा देवी को मौका मिली है. दूसरी तरफ स्व. पूर्व मंत्री जगरन्नाथ महतो की पत्नी बेबी देवी है. रामगढ़ उपचुनाव में मिली जीत के बाद एनडीए के घटक दलों में काफी उत्साह है. भाजपा और आजसू डुमरी में मिलकर चुनाव लड़ रही है. यशोदा देवी डुमरी की प्रमुख है, साथ ही उनकी पकड़ क्षेत्र में काफी है. आजसू संगठन व भाजपा कार्यकर्ता एनडीए प्रत्यासी की जीत के लिए डोर टू डोर अभियान चली रही है. साथ ही चुनावी जनसभा को एनडीए के घटक दल के नेता भी कर रहे है. आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो व सांसद सीपी चौधरी भी लगातार जन सभा को संबोधित कर विकास के नाम पर वोट मांग रहे है. दूसरी ओर दिवंगत जगरन्नाथ महतो की पत्नी बेबी देवी महागठबंधन की उम्मीदवार है. (नीचे भी पढ़े)
डुमरी विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मंत्री जगरन्नाथ महतो की अच्छी पकड़ है. साथ ही ग्रामीण इलाके में झामुमो की मजबूत पैठ है. जिसका लाभ बेबी देवी को मिल सकता है. साथ ही जगरन्नाथ महतो के निधन के बाद बेबी देवी को सहानभूति वोट मिल सकता है. विदित हो कि यशोदा देवी पिछले चुनाव में अपना भाग्य आजमा चुकी है. इस समय जगरन्नाथ महतो को कुल 71128 मत मिले थे, जबकि यशोदा देवी को 36840 मत मिले. इस चुनाव मे आजसू व भाजपा अलग अलग चुनाव लड़ी थी. इस बार के उपचुनाव में दोनों ने संयुक्त उम्मीदवार दिया है. इस परिस्थिति में कुछ स्थितियां बदल सकती है. जैसा की रामगढ़ उपचुनाव में देखने को मिला. अगर ऐसी परिस्थिति बनती है तो जीत हार का अंतराल काफी कम हो सकता है.




