गालूडीह: काश के फूल इन दिनों देवी दुर्गा के आगमन का एहसास करा रही हैं. गालूडीह के ग्रामीण क्षेत्रों में काश फूल को देख मन में उत्साह का संचार होता है. लोक कथाओं और परंपराओं में काशी फूल की मान्यता रही है. भाद्र के महीने में दूर खेत की मेड़ पर काशी के फूल देख ऐसा आभास होता है कि झारखंड की परंपरा संस्कृति में काशी फूल का जन्म से लेकर मरण तक की विधि-विधान में विशेष महत्व है. (नीचे भी पढ़े)
काशी फूल को लेकर कई लोकगीत भी प्रचलित है. झारखंड की संस्कृति में प्रकृति का खास महत्व है, प्रकृति के प्रत्येक पेड़-पौधे और घास का विशेष महत्व रहा है. इसमें काशी फूल भी सभी को कभी आकर्षित करता है. कई फिल्मों में भी काश फूल का मनोहारी दृश्य सभी को लुभाता है, हर क्षेत्र में इसका खास महत्व है. खासकर काश फूल को मां दुर्गा देवी भगवती का स्वागत पुष्प माना जाता है.




