चाईबासा / रामगोपाल जेना : जिला विधिक सेवा प्राधिकार पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा के तत्वाधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डीएलएसए चाईबासा मौहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में व्यवहार न्यायालय परिसर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया. शिविर की शुरुआत प्रधान जज कुटुंब न्यायालय सूर्य भूषण ओझा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय संतोष आनंद प्रसाद, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी एंजेलिना नीलम मड़की, रजिस्ट्रार सह अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सुप्रिया रानी तिग्गा सदर अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ भारती मिंज, उपाधीक्षक डॉ शिव चरण हासदा, प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी सहित अन्य पदाधिकारीयों ने आज प्रातः शिविर का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए प्रधान जज कुटुंब न्यायालय श्री ओझा ने कहा कि जिला में रक्त की आवश्यकता को देखते हुए यह आयोजन किया गया, रक्तदान एक स्वस्थ्य शारीरिक प्रक्रिया है जिसके द्वारा आवश्यकता वाले मरीजों को रक्त की पूर्ति की जाती है, चूंकि रक्त का कोई विकल्प नहीं है, अंतः सभी स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान जैसे महान कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए, जिससे जरूरतमंदों की आवश्यकता की पूर्ति हो सके और किसी का जीवन बचाया जा सके. (नीचे भी पढे़ं)

मौके पर प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी ने भी लोगों को प्रेरित करते हुए स्वयं रक्तदान किया और कहा कि रक्तदान एक स्वस्थ शारीरिक प्रक्रिया है. प्राप्त रक्त के जरिए ही जरूरतमंद लोगों की जान बचाई जा सकती है. उन्होंने बताया कि इस शिविर के माध्यम से प्राधिकार ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी पूरी की है और लोगों को प्रेरित करने का प्रयास किया है कि वह रक्तदान जैसे कार्यों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें. सदर अस्पताल चाईबासा स्थित चाईबासा ब्लड बैंक की टीम ने रक्तदान शिविर में योगदान दिया. बार के अधिवक्ताओं, न्यायालय के कर्मचारी और अधिकार मित्रों ने इस स्वैक्षिक रक्तदान शिविर में बहुत उत्साह के साथ भाग लिया. सदर अस्पताल के उपाधीक्षक सह ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ शिव चरण हांसदा ने बताया कि रक्तदाताओं के द्वारा प्राप्त रक्त को जांच के उपरांत जरूरतमंदों को उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने भी लोगों से रक्तदान में भाग लेने की अपील की है. इसकी जानकारी प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी ने दी है.





