जमशेदपुर: गुरुवार सुबह 5 बजे से ही लौहनगरी जमशेदपुर की सड़कों पर पेट्रोल-डीजल के लिए अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला. शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. कई जगहों पर बाइक, कार और मालवाहक वाहन घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए. हालांकि जांच में सामने आया कि यह स्थिति वास्तविक तेल संकट नहीं, बल्कि तकनीकी देरी और लोगों में फैले डर का परिणाम है. जानकारी के अनुसार शनिवार और रविवार को बैंक बंद रहने के कारण कई पेट्रोल पंप संचालक तेल कंपनियों को समय पर भुगतान नहीं कर सके. भुगतान में देरी होने से टैंकरों की लोडिंग प्रभावित हुई और कुछ पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया. इसी के बाद लोगों में तेल की कमी की आशंका फैल गई. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं, हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोलियम पदार्थों के सीमित संसाधनों को लेकर मितव्ययिता बरतने की अपील को लोगों ने गलत तरीके से समझ लिया. कुछ पंपों पर तेल खत्म होने की खबर फैलते ही शहर में ‘पैनिक बाइंग’ शुरू हो गई. लोग जरूरत से ज्यादा तेल भरवाने पंपों पर पहुंचने लगे, जिससे हालात और बिगड़ गए. पेट्रोल पंप संचालकों ने स्पष्ट किया है कि शहर में ईंधन की कोई वास्तविक कमी नहीं है. जिन पंपों पर स्टॉक खत्म हुआ था, वहां जल्द ही टैंकर पहुंचने की संभावना है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे सामान्य रूप से ही ईंधन खरीदें और अफवाहों पर ध्यान न दें. स्थिति को देखते हुए कई पेट्रोल पंपों पर पुलिस बल तैनात किया गया है. जिला प्रशासन भी तेल कंपनियों के संपर्क में रहकर आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य करने में जुटा हुआ है.







