जमशेदपुर : जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र के पुरानी सरजामदा में रविवार को एक प्रेमी जोड़े को लेकर ग्रामसभा का फैसला विवाद का कारण बन गया. आरोप है कि गांव की ग्रामसभा ने युवक और युवती की जबरन शादी करा दी. वहीं जब पुलिस दोनों को थाने ले जाने पहुंची तो ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पुलिस वाहन को रोक दिया और जमकर हंगामा किया. जानकारी के अनुसार, पुरानी सरजमदा निवासी संजीद बारी और उसी बस्ती की रहने वाली सोनिया करुआ रविवार को साथ घूमने निकले थे. इसी दौरान युवती के भाई ने दोनों को एक साथ देख लिया. इसके बाद परिवार के लोगों ने गांव के माझी बाबा और ग्रामीणों को मामले की जानकारी दी. मामले को लेकर गांव में ग्रामसभा की बैठक बुलाई गई. आरोप है कि बैठक के दौरान दोनों की शादी करा दी गई और युवती को लड़के के घर में रखने का दबाव बनाया गया. (नीचे भी पढ़ें)

युवक का आरोप है कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और जबरन युवती की मांग में सिंदूर भरवाया गया. इधर सूचना मिलने पर परसुडीह पुलिस गांव पहुंची, लेकिन ग्रामीणों और माझी बाबा ने पुलिस कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया. बताया जा रहा है कि पुलिस से भी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई. जब पुलिस युवक और युवती को थाने ले जाने लगी तो ग्रामीणों ने पुलिस वाहन को घेर लिया. कुछ युवक पुलिस गाड़ी के बोनट पर बैठ गए और रास्ता जाम कर दिया. स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब भीड़ ने युवक और युवती को पुलिस वाहन से उतार लिया और अपने साथ ले गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी सुमित कुमार अग्रवाल अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. (नीचे भी पढ़ें)
परसुडीह और सुंदरनगर थाना पुलिस की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया गया. पुलिस ने युवक-युवती समेत पुलिस के साथ कथित दुर्व्यवहार करने वाले कुछ महिला और पुरुषों को पूछताछ के लिए थाने लाया है. फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है. वहीं युवती ने बताया कि वह युवक से प्रेम करती है और पिछले चार महीने से दोनों के बीच बातचीत हो रही थी. युवती का कहना है कि ग्रामसभा ने उनकी शादी कराई और अब वह युवक के साथ रहना चाहती है. दूसरी ओर युवक ने प्रेम संबंध से इनकार करते हुए कहा कि दोनों सिर्फ दोस्त हैं. युवक के अनुसार, उनकी पहचान कुछ समय पहले ही हुई थी और गांव के लोगों ने उसके साथ मारपीट कर जबरन शादी करवा दी. फिलहाल परसुडीह पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.





