जमशेदपुर : टाटा स्टील में वेज रिवीजन समझौता हो रहा है. कुछ देर में वेतन समझौता की सारी जानकारी सामने आ जायेगी. लेकिन पहली बार टाटा वर्कर्स यूनियन संवाददाता सम्मेलन नहीं करने जा रही है. बताया जाता है कि कर्मचारियों के वेतन बढ़ोत्तरी को लेकर पत्रकारों के सवालों का जवाब देने से यूनियन के पदाधिकारी भाग रहे है. बताया जाता है कि वेज रिवीजन समझौता होगा. इसके बाद कमेटी मेंबरों को बिष्टुपुर स्थित एसएनटीआइ हॉल में बुलाया गया है. यूनियन के अपने ऑडिटोरियम में मीटिंग नहीं बुलायी गयी है. एसएनटीआइ में कमेटी मेंबरों को वेज रिवीजन की बारीकियों के बारे में जानकारी दी जायेगी. (नीचे भी पढ़ें)
उनके सवालों का भी जवाब नहीं दिया जायेगा. सिर्फ एकतरफा जानकारी नहीं दी जायेगी. इसके बाद सारे पदाधिकारी और कमेटी मेंबर वहां से निकल जायेंगे. सूत्रों के मुताबिक, एक दिन पहले एनएस ग्रेड के कर्मचारियों को मैनेजमेंट के अधिकारियों ने बुलाकर कार्रवाई की चेतावनी दी थी. ये एनएस ग्रेड के कर्मचारी वेज रिवीजन को लेकर यूनियन के पदाधिकारियों की घेराबंदी कर रहे थे. इसको देखते हुए कमेटी मेंबरों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गयी थी. बताया जाता है कि पिलेट प्लांट इलेक्ट्रिकल के बिभाकर राय, कोक प्लांट के राजेश सिंह, एसएमडी के प्रदीप दुबे, मनोज कुमार, नीरज परासर और दिनेश कुमार को धमकाया गया और कहा गया कि अगर नेतागिरी करेंगे तो फिर उनके ऊपर विभागीय तौर पर कंपनी एक्शन लेगी. (नीचे भी पढ़ें)
सवाल यह उठने लगा है कि जब वेज रिवीजन समझौता बेहतर हुआ है, वेज रिवीजन को लेकर कोई सवाल नहीं है तो फिर पत्रकारों के सवालों से क्यों यूनियन के पदाधिकारी भाग रहे है. इसके अलावा कमेटी मेंबरों को धमकाकर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश क्यों की जा रही है. यह परिपाटी रही है कि वेज रिवीजन हो या फिर बोनस समझौता, पत्रकार वार्ता होती रही है. जनता और कर्मचारियों को यूनियन के पदाधिकारी जानकारी देते रहे है. लेकिन यह पहली बार होगा कि प्रेस वार्ता नहीं कराया जायेगा. प्रेस रिलीज जारी कर जानकारी देने की रणनीति तय की गयी है.







