जमशेदपुर : जमशेदपुर के मानगो नगर निगम क्षेत्र में सुवर्णरेखा नदी के किनारे सरकारी भूमि पर बने 16 मकानों को मंगलवार को प्रशासन ध्वस्त करेगा. कार्रवाई से पहले सोमवार को प्रभावित परिवारों ने पूरे दिन अपना सामान समेटा, जबकि रातभर भविष्य की चिंता उन्हें सताती रही. वर्षों से बसे घरों को छोड़ने की मजबूरी ने परिवारों, खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को गहरे असमंजस में डाल दिया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देश और न्यायालय के आदेश के अनुपालन में चलाया जा रहा है, इसलिए इसे किसी भी स्थिति में टाला नहीं जाएगा. (नीचे भी पढ़ें)
धालभूम अनुमंडल पदाधिकारी अर्णव मिश्रा के निर्देश पर पहले ही सभी अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर मकान खाली करने का आदेश दिया गया था. सोमवार को प्रशासनिक टीम ने बस्ती में लाउडस्पीकर से अंतिम घोषणा कर लोगों से स्वयं अतिक्रमण हटाने की अपील की, लेकिन अधिकांश मकान खाली नहीं किए गए. अब मंगलवार को प्रशासन बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण हटाएगा. प्रशासन के अनुसार वार्ड संख्या 8 में खाता संख्या 1249, प्लॉट संख्या 3983 की सरकारी जमीन पर तीन मकानों का अतिक्रमण है, जबकि वार्ड संख्या 10 में खाता संख्या 727 के विभिन्न प्लॉटों पर 13 मकान अवैध रूप से बने हैं। इन सभी मामलों में अंचलाधिकारी की अदालत ने बीपीएलई वाद के तहत अतिक्रमण हटाने का आदेश पहले ही पारित कर दिया है. जिला प्रशासन को एनजीटी की कोलकाता पीठ के निर्देशानुसार स्वर्णरेखा नदी किनारे से अतिक्रमण हटाकर अनुपालन रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी है. (नीचे भी पढ़ें)
कानून-व्यवस्था के लिए विशेष व्यवस्था : ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है. मानगो अंचल के राजस्व उपनिरीक्षक गौतम प्रधान और प्रदीप कुमार को दंडाधिकारी बनाया गया है, जबकि मानगो नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त आकिब जावेद को वरीय दंडाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. (नीचे भी पढ़ें)
इन लोगों के मकानों पर होगी कार्रवाई : वार्ड संख्या 8 में भालू यादव, महेंद्र यादव और रमेश प्रसाद के मकानों पर कार्रवाई होगी. वहीं वार्ड संख्या 10 में सुरेंद्र यादव, शंकर यादव, मनोज गौड़, राजू राय, नवीन रूहिदास, ललन यादव, अखई कैवर्त, जेएल शर्मा, साई सूरज आश्रम, मनोहर कैवर्त, गनौरी वर्मा, हरि भुईयां और रिंकू दास के खिलाफ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि सभी संबंधित पक्षों को पूर्व में नोटिस दिया जा चुका है और अब आदेश के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी.




