
सरायकेला : सरायकेला- खरसावां जिले के आदित्यपुर में अमृत योजना के तहत बन रहे जलमीनार को लेकर एक बार फिर से जनमानस और प्रसासन आमने सामने आ गए हैं. वैसे इससे पहले भी पांच स्थानों पर प्रसासन को स्थानीय लोगों का विरोध करना पड़ रहा है. बता दें कि आदित्यपुर नगर निगम की ओर से अमृत योजना के तहत शहरी जलापूर्ति योजना एवं सिवरेज ड्रेनेज सिस्टम का व्यापक स्तर पर काम शुरू किया जा चुका है. वैसे कहीं स्थानीय लोगों को विरोध तो कहीं प्रशासनिक बाध्यताओं के कारण काम करा रहे एजेंसी को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इधर एकबार फिर से नगर निगम के वार्ड 26 और 29 के बीच कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के पीछे आजाद स्पोर्टिंग क्लब मैदान में जल मीनार के लिए चिन्हित स्थल पर स्थानीय लोगों ने काम का विरोध करते हुए बंद करा दिया है. उधर हंगामा होने की सूचना मिलते ही आरआईटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन लोगों के आक्रोश को देखते हुए जिले के वरीय अधिकारियों को सूचना दे दी गयी. वहीं गम्हरिया सीओ, बीडीओ भी मौके पर पहुंचे, लेकिन स्थानीय लोगे ने उनकी भी एक न सुनी.

इधर मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला मुख्यालय से एसडीओ और एसडीपीओ पहुंचे. जहां सभी अधिकारियों ने बैठकर मामले का हल निकाले जाने की बात कही. उधर स्थानीय लोगों का कहना है, कि उक्त मैदान को लेकर आवास बोर्ड से साथ विवाद चल रहा है, सालों से उक्त मैदान में खेलकूद के साथ पारंपरिक फुटबॉल मैच का भी बड़े पैमाने पर आयोजन किया जाता है. आवास बोर्ड द्वारा एनओसी दिए जाने के सवाल पर स्थानीय लोग आक्रोशित हैं. लोगों का कहना है, कि आवास बोर्ड होता कौन है, इस जमीन का एनओसी देनेवाला. पहले कोर्ट का फैसला आने दे उसके बाद ही एनओसी दे. वहीं इस संबंध में सरायकेला एसडीओ डॉ बशारत कय्यूम ने बताया कि सभी पक्षों की सहमति के बाद ही काम आगे होगा. वैसे उन्होंने जनसुविधा के लिए ही उक्त जलमीनार का निर्माण किए जाने की बात कही.

वहीं एक सवाल के जवाब में एसडीओ ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में आए दिन अमृत योजना के काम को लेकर विवाद होना ठीक नहीं. वैसे इसके पीछे योजना के लिए कार्यस्थलों के चयन की प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों को उन्होंने सही नहीं बताया और कहा योजना को धरातल पर उतारने से पहले पूरी प्लानिंग की गयी है, सर्वे रिपोर्ट आने के बाद ही योजना की स्वीकृति दी गयी है. फिलहाल स्थानीय लोगों का आक्रोश चरम पर है. वहीं स्थानीय लोगों का कहना है, कि अगर इस जलमीनार के निर्माण से खेल का मैदान प्रभावित नहीं होता है, तो वे निर्माण कार्य का विरोध नहीं करेंगे, लेकिन इसके लिए ग्रामसभा के साथ बैठक में जो निर्णयय होगा उसे ही माना जाएगा. फिलाह एक बार फिर से आदित्यपुर नगर निगम की यह परियोजना खटाई में जाती नजर आ रही है.







