
बहरागोड़ा : बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र का चुनावी गणित भूल – भुलैया सा हो गया है। एक और झामुमो के विधायक कुणाल षाड़ंगी को लेकर अटकलों का दौर थम नहीं रहा है। वहीं, दूसरी ओर भाजपा में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर दिनेशानंद गोस्वामी और समीर महंती दो अलग अलग पटरी पर चल कर टिकट प्राप्त करने के लिए आलाकमान को रिझा रहे हैं। दोकोणीय मोड में पड़े इस विधानसभा के चुनावी गणित पर सस्पेंस ही सस्पेंस है और सर्वाधिक चर्चा में भाजपा है। ऐसे हालात में सांसद विद्युत वरण महतो इस विधानसभा क्षेत्र के चुनावी कुरुक्षेत्र में कृष्ण की भूमिका में होंगे। बिना उनके भाजपा के किसी भी उम्मीदवार की चुनावी नाव वैतरणी को पार नहीं करेगी। इस विधानसभा क्षेत्र में विद्युत वरण महतो वह धूरी हैं, जिनके इर्द गिर्द चुनावी गणित घूम रहा है।
10 साल के कठिन परिश्रम के बाद विद्युत वरण महतो इस विधानसभा क्षेत्र से झामुमो के विधायक बने। फिर भाजपा में शामिल होकर दो बार दिल्ली की उड़ान भरी। माना जाता है कि अति सहज, सरल और सामाजिक सांसद श्री महतो इस विधानसभा क्षेत्र की राजनीति के हर पहलुओं से वाकिफ हैं। राजनीति के जानकार मानते हैं कि विद्युत वरण महतो की वोटरों के बीच एक अलग ही पहचान है। उनमें राजनीति की एक गजब की क्षमता है। लिहाजा यहां का चुनावी गणित का सब कुछ उन पर निर्भर करता है। आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा डॉ दिनेशानंद गोस्वामी को उम्मीदवार बनाए चाहे समीर महंती को बनाए या फिर किसी अन्य तीसरे को क्यों ही ना बनाएं। विद्युत वरण महतो ही जीत के सबसे अहम फैक्टर होंगे।



