
नयी दिल्ली : बिहार में कभी दहशत और राजनीति में एकछत्र राज करने वाले बाहुबली सूरजभान सिंह बीमार है. उनको बेहतर इलाज के लिए नयी दिल्ली स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है. उनको अस्पताल में देखने के लिए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह नयी दिल्ली के उक्त अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने उनके साथ समय बिताया और उनका हाल चाल जाना. उन्होंने चिकित्सकों से भी उनके बारे में जानकारी ली. बताया जाता है कि उनको सांस लेने में दिक्कत की शिकायत थी, जिसके बाद उनको नयी दिल्ली में चेक अप के लिए भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज किया जा रहा है. (नीचे देखे कौन है सूरजभान सिंह)

कौन है सूरजभान सिंह
सूरजभान सिंह बिहार के मोकामा जिले के रहने वाले है. पिता एक दुकान पर नौकरी करती थे तो वहीं बड़े भाई को बाद में सेना में नौकरी मिल गयी थी. पिता चाहते थे कि सूरजभान भी सेना में जाये और घर की जिम्मेदारी उठाये. हालांकि, वे गलत संगत में रह गये और फिर रंगदारी और वसूली करने लगे. उसके बाद वे अपराध की दुनिया के बेताज बादशांह कहे जाने लगे. 5 मार्च 1965 को जन्में सूरजभान सिंह ने अपराध की जगत से लेकर राजनीति तक के क्षेत्र में नाम कमाया. बताया जाता है कि 80 के दशक में सूरजबान बाहुबलियों का साथ हो गया. 90 का दशक आते आते सूरजभान ने अपराध की ऐसी सीढ़ियां चढ़ा कि उनका नाम तत्कालीन बाहुबली दिलीप सिंह और श्याम सिंदर सिंह धीरज के साथ गिना जाने लगा. सूरजभान को इन दोनों ने ही अपराध की दुनिया में लाया था. इसके बाद वर्ष 2000 में सूरजभान सिंह ने मंत्री दिलीप सिंह के खिलाफ पर्चा भर दिया. इसके बाद सूरजभान चुनाव जीत गये. विधायक के बाद वर्ष 2004 में सूरजभान को रामविलास पासवान की लोजपा से टिकट मिला और बलिया बिहार से वे सांसद बन गये. बाहुबली का आपराधिक इतिहास कई अपराधों से भरा रहा, लेकिन कई गुनाह ऐसे थे जो कभी साबित ही नहीं हो पाए. सूरजभान के ऊपर मंत्री बृजबिहारी प्रसाद की हत्या समेत 30 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. बेगूसराय के एक हत्या मामले में तो सूरजभान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी, जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया था. हालांकि उनकी पत्नी वीणा देवी बाद में राजनीति में सक्रिय हो गई. साल 1992 में बेगूसराय में रामी सिंह नाम के व्यक्ति को पांच गोलियां मारी गई थी और जब मामला कोर्ट पहुंचा था तो सूरजभान को लोअर कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी. वहीं साल 1998 में राबड़ी देवी सरकार में मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की हत्या मामले में भी सूरजभान का नाम आया था.





