जमशेदपुर : इस बड़ी राहत के लिए कैट ने पीएम मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन की सराहना की है. कैट ने कहा कि छोटे अपंजीकृत विक्रेताओं को ई-कॉमर्स पोर्टल के माध्यम से अपना माल बेचने की अनुमति देने के जीएसटी काउन्सिल के निर्णय को एक बड़ा कदम बताया है. कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने शनिवार को इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया और कहा कि ये एक प्रगतिशील निर्णय है जिसकी कैट द्वारा पिछले दो वर्षों से अधिक समय से मांग की जा रही थी. उनकी मांग थी कि छोटे व्यापारी भी ई-कॉमर्स के जरिए व्यापार कर सकें. (नीचे भी पढ़ें)
कैट के राष्ट्रीय सचिव सुरेश सोन्थलिया ने कहा कि यह निर्णय छोटे व्यापारियों को ई-कॉमर्स के माध्यम से अपने व्यवसाय का विस्तार करने के लिए सशक्त बनाएगा और पीएम मोदी के डिजिटल इंडिया विजन को देशभर में मजबूती प्रदान करेगा. उन्होंने कहा कि देश में 8 करोड़ से अधिक छोटे व्यापारी हैं लेकिन बड़ी संख्या में व्यापारी जीएसटी पंजीकरण के बिना व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं क्योंकि उनकी वार्षिक बिक्री जीएसटी सीमा से बेहद कम है. ऐसे व्यापारी अब ई-कॉमर्स पर व्यापार कर सकेंगे जो कि एक बहुत बड़ी बात है. सोन्थलिया ने कहा कि भारत तेजी से ई-कॉमर्स हब के रूप में उभर रहा है और ऑनलाइन कारोबार में जबरदस्त वृद्धि हो रही है. भारत में ई-कॉमर्स व्यवसाय अब कुल खुदरा का लगभग 10 फीसदी और वस्त्र और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कुछ क्षेत्रों का लगभग 25-50 फीसदी है. इसे देखते हुए यह अत्यंत प्रासंगिक था कि छोटे वेंडर जिनका टर्नओवर छोटा है और जीएसटी के दायरे में नहीं आते हैं, वे ऑनलाइन कारोबार करने में सक्षम नहीं थे, जिससे बाजार और व्यापार के अवसरों का भारी नुकसान हो रहा था. (नीचे भी पढ़ें)
इस दौरान अन्य बिन्दुओं पर भी चर्चा की गयी गई. इस दौरान राजस्व सचिव ने कहा कि बताया कि जीएसटी परिषद् की बैठक के दौरान जो फैसले लिए गए उनमें किसी भी अधिकारी को अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने से रोकने सहित कुछ मामलों का गैरअपराधीकरण करना और जीएसटी कानूनों के तहत किसी भी मामले में अभियोजन शुरू करने की राशि सीमा सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये करना (नकली चालान को छोड़कर) आदि शामिल हैं. जीएसटी परिषद की बैठक के बाद राजस्व सचिव ने कहा कि दालों की भूसी पर कर की दर 5 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दी गई है. बैठक में रिफाइनरियों के लिए पेट्रोल के साथ इथेनॉल मिश्रण की अनुमति 5 फीसदी की रियायती दर पर दी गई है.




