
चक्रधरपुर : चक्रधरपुर प्रखंड के बूढ़ीगोड़ा रेलवे लाइन के समीप जेनाबेड़ा-कोमाय जाने वाली सड़क के किनारे एक अज्ञात युवती का शव बरामद किया गया था. उसकी शिनाख्त हो गयी है. मृतका टोंटो प्रखंड के पुंडीपोसी गांव निवासी बाबूलाल करपुसा की पुत्री सुकमति करपुसा (20) थी. परिजनों के बयान पर कांड के संदेह में 44 वर्षीय महेंद्र बागे से पूछताछ की गयी, तो उसने उक्त कांड में अपनी संलिप्ता स्वीकार की और बताया कि मृतका सुकमति के साथ 4-5 वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था.
उसने पुलिस को बताया कि चाईबासा में किराये का कमरा लेकर मृतका सुकमति को रखा था और वहां आता-जाता था. प्रारंभ में सब कुछ अच्छा रहा, पर जब मृतका सुकमति शादी करने का दबाव बनाने लगी और अपने घर साथ लेकर चलने की बात करने लगी, तब दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया. वह पहले से शादीशुदा था. मृतका सुकमति के रोज-रोज के किचकिच से तंग आकर सुकमति को अपने रास्ते से हटाने की योजना बनायी.
महेंद्र बागे ने अपने भगिना उमेश गोप, लालू राउत, घासीराम गोप के साथ मिल कर हत्या को मना लिया. उसके बाद 20 फरवरी 2020 को पोकुवाबेड़ा चक्रधरपुर में लगने वाले मकर मेला में घूमने के बहाने मृतक सुकमति को लेकर आया और मेले में सुखमति को हंड़िया पिलायी, जिससे वह नशा में आ गयी.
जब काफी रात हो गई, तो चारों मिलकर उसे मोटरसाइकिल से जतरागुटू के पास ले गये और वहीं चारों ने सुकमति का गला दबा कर और उसका पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी. घटना के संबंध में चक्रधरपुर थाना में कांड संख्या 20/2020 दिनांक 21 फरवरी 2020 को भादवि की धारा 302, 201, 34 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.






