
जमशेदपुर : जमशेदपुर में केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने बुधवार की दोपहर बड़ी कार्रवाई की है. बुधवार को सीबीआई की टीम ने झारखंड के अदालत से निकले एक आदेश के आलोक में एक पुराने मामले में फरार चल रहे इनकम टैक्स ऑफिसर सुबीर कुमार गांगुली के जमशेदपुर के सोनारी मौनी बाबा मंदिर के पास स्थित आवास टावर के एक फ्लैट को सीज कर लिया. इसके अलावा फ्लैट में रखें घरों के दस्तावेज समेत काफी मात्रा में गहनों को भी जप्त किया है, जिसको सीबीआई बेनामी संपत्ति मान रही है. सुबीर कुमार गांगुली के खिलाफ झारखंड की सीबीआई की विशेष अदालत से काफी दिनों से वारंट जारी है लेकिन वह फरार चल रहे हैं. यह मामला वर्ष 2017 का है. सीबीआई ने कथित भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने के बाद झारखंड के तत्कालीन चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर तापस कुमार दत्ता के रांची और कोलकाता स्थित कुल 23 ठिकानों पर छापामारी की थी और उनको गिरफ्तार भी किया था. सीबीआई ने उनके पास से साढ़े तीन करोड़ रुपए नगद और 5 किलो सोना भी जप्त किया था. इस मामले में सीबीआई ने आयकर विभाग के रांची में पदस्थापित अतिरिक्त आयुक्त धर्मेंद्र कुमार, आयकर अधिकारी तकनीकी रंजीत कुमार लाल, आयकर अधिकारी सुबीर कुमार गांगुली और चार्टर्ड अकाउंटेंट पवन मौर्या के खिलाफ मामला दर्ज किया था. इस मामले में कोलकाता के कारोबारी और आंचल व्यापार के डायरेक्टर विश्वनाथ अग्रवाल, संतोष चौधरी, संतोष साह, आकाश अग्रवाल और अरविंद अग्रवाल को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया था. तापस कुमार दत्ता पर यह आरोप है कि उन्होंने वित्तीय वर्ष 2016-2017 में आयकर विभाग के तीन अन्य अधिकारियों और कोलकाता के कारोबारी और एंट्री ऑपरेटर के साथ मिलकर आपराधिक साजिश की थी. साजिश के तहत इनकम टैक्स कमिश्नर होने के नाते तापस कुमार दत्ता ने कथित रूप से इस कारोबारी से चार्टर्ड अकाउंटेंट के जरिए भारी रिश्वत ली. यह रिश्वत कई लोगों की आयकर फाइलें कोलकाता से रांची और हजारीबाग में ट्रांसफर करने के लिए ली गई थी और यह दबाव दी जा रही थी कि केस को कोलकाता से झारखंड ट्रांसफर कर दिया जाएगा, जिसके बदले करोड़ो की रिश्वत ली गई थी. इस मामले में चीफ कमिश्नर को भी गिरफ्तार किया गया था जबकि सारे आरोपी जेल में बंद किए गए थे लेकिन इस मामले में सोनारी आवास टावर निवासी सुबीर कुमार गांगुली फरार चल रहे हैं, जिनकी संपत्ति को सीबीआई ने बुधवार को जप्त कर लिया.






