
जमशेदपुर : महाराष्ट्र के पालघर में संतों की हत्या के पश्चात् पत्रकार अरनब गोस्वामी द्वारा सांप्रदायिक विद्वेष से दिये गये कथन को लेकर कांग्रेसियों में काफी गुस्सा है. इसके तहत जमशेदपुर में कई थाना में एफआइआर दायर किया गया है. युवा कांग्रेस के जमशेदपुर के जिलाध्यक्ष संजीव रंजन ने उपरोक्त घटना के सन्दर्भ में अरनब गोस्वामी की गिरफ्तारी की मांग करते हुए टेल्को थाना जमशेदपुर में एफआइआर दर्ज किया. 21 अप्रैल को पत्रकार अरनब गोस्वामी द्वारा पालघर (महाराष्ट्र) में हुई दो संतों की हत्या के सम्बन्ध में जो कथन प्रसारित किया गया वो सांप्रदायिक भावना को भड़काने वाला भाषण होने के साथ-साथ क़ानून व्यवस्था के प्रति विद्वेष फैलाने वाला भाषण भी है.

अरनब गोस्वामी ने कहा कि यदि हिन्दू संतों के बजाय किसी मौलवी या पादरी की हत्या हुई होती तो क्या शांति रहती. हिन्दू संतों की हत्या पर सोनिया गांधी व कांग्रेस चुप हैं. अरनब गोस्वामी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष सोनिया गांधी पर आरोप लगाया कि मैंने यहां सरकार बना ली और वहां हिन्दू संतों को मरवा रही हूं. उपरोक्त कार्यक्रम देश में साम्प्रदायिक हिंसा फैलाने के उद्देश्य से दिया गया. इसका परिणाम देश में कोरोना की महामारी के वजह से लगाए गये लॉकडाउन में क़ानून व्यवस्था को बिगाड़ना और राजद्रोह है. इस कार्यक्रम में मुख्य रुप से युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव डॉ पारितोष सिंह, जिलाध्यक्ष संजीव रंजन, बिजेन्द्र साहु, जगदीश महतो, रोहित पाल उपस्थित थे. इसी तरह मानगो थाना में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फिरोज खान ने भी इस मामले को लेकर एफआइआर दायर किया है. इसको विद्वेष फैलाने वाला मामला बताया है और तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है.





