
नई दिल्ली : देश के पहले चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बिपिन रावत के साथ हेलिकॉप्टर में सवार ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह भी सवार थे. फिलहाल उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है. भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह इस हेलिकॉप्टर हादसे में बचे एकमात्र अधिकारी हैं जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह शौर्य चक्र से हो चुके हैं सम्मानित
ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को इसी साल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया है. पिछले साल एक उड़ान के दौरान ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के तेजस फाइटर में तकनीकी खराबी होने के कारण, उन्होंने अपने फाइटर प्लेन को मिड-एयर इमरजेंसी के बावजूद सुरक्षित उतारा था. इस साहसिक कार्य के लिए उन्हें शौर्य चक्र से नवाजा गया है. (नीचे भी पढ़ें)
यूपी के रहने वाले हैं वरुण
ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रुद्रपुर तहसील के रहने वाले है. फिलहाल उनका पूरा परिवार मध्य प्रदेश के भोपाल में रह रहा है. उनके पिता कर्नल केपी सिंह भी सेना से रिटायर्ड हैं. (नीचे भी पढ़ें)
गौरतलब है कि बीते बुधवार को भारतीय वायु सेना का एमआई 17V5 हेलिकॉप्टर तमिलनाडु के कुन्नूर में क्रैश हो गया था. इस हादसे में हेलिकॉप्टर में कुल 14 लोग सवार थे, जिनमें से सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत 13 लोगों का निधन हो गया है. वहीं इस दुर्घटना में केवल ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह ही बच पाए है. उनका इलाज वेलिंगटन के आर्मी हॉस्पिटल में चल रहा है.




