टेल्को में किशोर ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
जमशेदपुर : जमशेदपुर के टेल्को थाना क्षेत्र के बजरंगी बागान में गुरुवार की रात एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां 16 वर्षीय किशोर ऋतुराज सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना के बाद इलाके में शोक की लहर फैल गयी. परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. मृतक के पिता ने बताया कि वे अपनी पत्नी को ट्रेन पकड़वाने टाटानगर स्टेशन छोड़ने गए हुए थे, जब वे वापस लौटे तो देखा कि घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था. आवाज़ देने पर भी अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. आशंका होने पर वे छत के रास्ते से घर के भीतर झांके तो देखा कि उनका बेटा कमरे में पंखे से लटका हुआ है. आनन-फानन में उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ा और बेटे को फंदे से नीचे उतारा. इसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए तत्काल टीएमएच अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद ऋतुराज को मृत घोषित कर दिया. ऋतुराज सिंह कक्षा 10 का छात्र था. सूचना पाकर टेल्को थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया. पुलिस मामले की जांच में जुटी है. प्रारंभिक पूछताछ में किसी प्रकार का सुसाइड नोट नहीं मिला है. आत्महत्या के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है पुलिस पारिवारिक और व्यक्तिगत कारणों की भी जांच कर रही है. (नीचे भी पढे़ं)

बागबेड़ा में मोबाइल गेम की लत ने ली किशोर की जान
जमशेदपुर : जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र के के हरहरगुट्टू इलाके में मोबाइल गेम की लत ने एक किशोर की जान ले ली. मृतक की पहचान 19 वर्षीय आनंद भारद्वाज के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार आनंद देर रात तक मोबाइल पर गेम खेला करता था. कई बार समझाने के बावजूद जब वह नहीं माना तो परिजनों ने उसका मोबाइल जब्त कर लिया. इसके बाद से ही वह उदास रहने लगा और लोगों से बातचीत भी कम कर दी. बुधवार रात आनंद अपने कमरे में गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया. जब सुबह तक वह बाहर नहीं निकला तो परिजनों ने दरवाजा तोड़ा, जहां वह पंखे से लटका मिला. परिजन तुरंत उसे अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा. प्राथमिक जांच में मोबाइल की लत और पारिवारिक हस्तक्षेप को आत्महत्या की वजह बताया गया. मृतक के चाचा ने बताया कि आनंद ने हाल ही में आईटीआई पास किया था. उसके पिता संतोष चौधरी लकवाग्रस्त है और बड़ा भाई चंडीगढ़ में पढ़ाई करता है.



