
जमशेदपुर : जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना के बगल में स्थित सिद्धू कान्हू मैदान में गुरुवार की देर रात को गैंगस्टर अखिलेश सिंह गिरोह के सदस्य कंहैया सिंह द्वारा गोली चलाने के मामले में पुलिस द्वारा लगातार अनुसंधान किया जा रहा है. इस मामले में पुलिस ने स्कार्पियों को जब्त किया है जबकि घटनास्थल से दो खोखा और जिंदा गोली बरामद किया था. इस मामले में कंहैया सिंह ने बागबेड़ा थाना में सरेंडर कर दिया है और आरोप लगाया है कि सिदो कान्हू मैदान के पास का मकान उसने ही खरीदा है, लेकिन उनको घर में जाने से विजय कुमार सिंह उर्फ मोनु सिंह रोक रहा है. पुलिस ने इस मामले के आने के बाद विजय सिंह उर्फ मोनु सिंह को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. बताया जाता है कि बागबेड़ा थाना में सिटी एसपी खुद पूछताछ कर रहे है जबकि डीएसपी रैंक के अधिकारियों को भी काम पर लगाया गया है. दोनों ओर से पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है. यह अंदेशा जताया जा रहा है कि इस कांड में पुलिस दोनों ओर से गिरफ्तारी करने जा रही है. वैसे पुलिस शनिवार को कांड का खुलासा कर सकती है. आपको बता दें कि गुरुवार की देर रात को सिदो कान्हू मैदान (बागबेड़ा थाना से करीब सौ कदम की दूरी पर स्थित यह मैदान) के पास एक मकान में तोड़फोड़ की गयी थी और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दिया. इससे दहशत में पूरी बस्ती आ गयी. घटना के बाद बस्तीवालों ने जब अखिलेश गैंग के लोगों को घेरने की कोशिश की तो कंहैया सिंह और उनके गिरोह के गुर्गे वहां से स्कार्पियों गाड़ी छोड़कर भाग निकले थे. घटनास्थल से पुलिस ने दो खोखा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया था. बताया जाता है कि कंहैया सिंह के साथ रहने वाले एक लड़का शिवजी प्रसाद अपनी फुआ शीला देवी पर दबाव बना रहा था कि वह अपने पैतृक संपत्ति उनको मुफ्त में लिख दें नहीं तो बुरा अंजाम होगा. इसका विरोध जब शीला देवी ने किया तो बीती रात कंहैया सिंह ने फोन पर शीला देवी के बेटे पिंटू को धमकाया और बुरा अंजाम भुगतने की चेतावनी दी. लेकिन वे लोग कागज पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया. इसके बाद गुरुवार की देर रात नशे में धुत करीब 15 लड़कों के साथ कंहैया सिंह आया. कंहैया के साथ उनका भाई रामबाबू, श्याम बाबू, सोनू सिंह, अखिलेश सिंह सोनू, शिवजी प्रसाद समेत अन्य लोग थे. वे लोग स्कार्पियों गाड़ी में सवार होकर आये और घर पर पथराव कर दिया. इसके बाद इन लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी. फायरिंग की आवाज सुनकर जब बस्ती के लोगों ने घेराबंदी कर दी, तब गाड़ी छोड़कर सारे अपराधी भाग गये. कंहैया सिंह पिछले दिनों ही सीतारामडेरा में अखिलेश सिंह गैंग और सुधीर दुबे गैंग के बीच हुई फायरिंग में जेल से बाहर निकला है. कंहैया सिंह अखिलेश सिंह का साथी है. दूसरी ओर, कंहैया सिंह का कहना है कि उसने वह मकान ले लिया है. इसके लिए बकायदा उसने पैसे दिये है, लेकिन मोनु सिंह उसको घर में जाने नहीं दे रहा है और रोक रहा है. बीती रात जब वह मकान में गया था तो मोनु सिंह ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर उसको रोकने की कोशिश की और उन पर ही फायरिंग कर दी, जिसके बाद वे लोग वहां से भागे थे. कंहैया सिंह ने कहा है कि गोली चालन की घटना में उन्होंने कोई गोली नहीं चलायी है.





