- 36 लाख रुपये निकालने की तैयारी कर रहे थे साइबर ठग, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को भी किया रिप्लेस

जमशेदपुर : जमशेदपुर में एक बार फिर से मोबाइल नंबर रिप्लेस कर बैंक खाते के चेक का क्लोन बना लाखों की ठगी किये जाने का मामला प्रकाश में आया है. साइबर ठगों ने गोलमुरी रिफ्यूजी कॉलोनी निवासी कुलदीप कौर को निशाना बनाया है. कुलदीप के बैंक खाते के चेक का क्लोन बनाकर साइबर ठगों ने दिल्ली के रोहिणी और हरियाणा के मनेसर स्थित बैंक से लाखों रुपये की अवैध निकासी की है. इसके साथ ही साइबर ठगों ने कुलदीप के मोबाइल नंबर को भी फर्जी तरीके से रिप्लेस कर लिया है. इतना ही नहीं, साइबर ठग क्लोन चेक का इस्तेमाल यूपी के गाजियाबाद और बिहार के पटना में भी इस्तेमाल कर रुपये निकासी करने के फिराक में थे, लेकिन खाते में रुपये नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया. इसकी जानकारी होने पर कुलदीप कौर ने तत्काल बिष्टुपुर स्थित साइबर थाने में लिखित शिकायत की है. कुलदीप कौर ने पंजाब नेशनल बैंक के साकची ब्रांच और जिओ कंपनी पर आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है. (नीचे भी पढ़ें)
इधर पुलिस बैंक और जिओ कंपनी पर प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी कर रही है. शिकायत में कुलदीप ने बताया है कि उनका खाता साकची पंजाब नेशनल बैंक में है. उनके खाते से जुड़ा चेक उन्ही के पास है जबकि उनके खाते से चेक के माध्यम से नई दिल्ली के रोहिणी स्थित आईसीआईसीआई बैंक के आलोक कुमार के खाते में कुल 9.96 लाख रुपये ट्रांस्फर किए गए जबकि हरियाणा के मनेसर स्थित आईसीआईसीआई बैंक के विष्णु कुमार यादव के खाते में कुल 8.94 लाख रुपये ट्रांस्फर किए गए. कुलदीप के अनुसार उनके खाते में जो मोबाइल नंबर लिंक है वह जियो कंपनी का है. साइबर ठगों ने उनका नंबर भी रिप्लेस कर दिया जबकि कंपनी द्वारा फिंगर प्रिंट लेकर और संबंधित उपयोगकर्ता को देखकर ही सिम रिप्लेस किया जाता है. कुलदीप ने बताया कि साइबर ठगों ने फिर से दो चेक का इस्तेमाल किया जिसमें से एक चेक का उपयोग युपी के गाजियाबाद स्थित एसबीआई बैंक के खाता धारक शहजाद के खाते में 8.89 लाख और बिहार के पटना एक्सिबिशन रोड स्थित आईडीएफसी के खाता धारक शुभम कुमार के खाते में 26.98 लाख रुपये ट्रांस्फर करने की तैयारी में थे. हालांकि खाते में रुपये नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया. मामले को लेकर साइबर थाना प्रभारी उपेंद्र मंडल ने बताया कि ऐसे मामलों में बैंक कर्मी और सिम कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत होती है. ऐसे में मामला दर्ज कर जांच शुरु की जाएगी.
पूर्व में भी परसुडीह की रिटायर्ड शिक्षिका बन चुकी हैं निशाना : इसके पूर्व भी साइबर ठगों ने परसुडीह की रिटायर्ड शिक्षिका प्यारी कच्छप को इसी तरह से निशाना बनाया था. साइबर ठगों ने प्यारी के नंबर को रांची से रिप्लेस कर उसके खाते से कुल नौ लाख रुपये की निकासी कर ली थी.






