
जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिरसानगर मोहरदा पेयजल परियोजना की बदहाली के नये-नये पेंच आये दिन खुल रहे हैं. शनिवार की दोपहर बाद पता चला कि बिरसानगर के जोन 7 में एक पानी टंकी विगत कई वर्षों से बंद है. 350 लाख गैलन क्षमता वाली इस टंकी में पानी नहीं जाता है. नतीजा है कि जिन इलाकों में पानी देने के लिये यह टंकी बनी है, उन इलाकों में सीधे जी एस आर के मेन राइडिंग पाईप से पानी जा रहा है जिसके कारण जलापूर्ति में अक्सर बाधा आते रहती है. शनिवार की शाम घटनास्थल पर गया तो सूचना सही पाई गई. पानी टंकी के चारों तरफ घना जंगल झाड़ खड़ा हो गया है. टंकी बड़ी है पर इसके ऊपर जाने के लिये एक पतली लोहा की सीढ़ी है, जिस पर मुश्किल से एक आदमी चढ़ सकता है. टंकी की सफाई के लिये भी कोई व्यवस्था नहीं है. वहीं से विधायक सरयू राय ने जेएनएसी के विशेष पदाधिकारी को फोन किया. उन्होंने इस बारे में कोई जानकारी देने से अनभिज्ञता प्रकट किया और कहा कि इस बारे में वे टाटा स्टील यूटिलिटीज (जुस्को) से पूछेंगे. फोन करने पर टाटा स्टील यूटिलिटीज के सक्षम अधिकारी ने बताया कि 2017 में जब मोहरदा पेयजल परियोजना को चलाने का भार टाटा स्टील यूटिलिटीज (पहले जुस्को) को मिला उसके पहले से यह पानी टंकी बंद है. इसकी चाभी भी टाटा स्टील यूटिलिटीज (पहले जुस्को) को आज तक नहीं मिली है. (नीचे देखे पूरी खबर)

आश्चर्य है कि 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मोहरदा पेयजल परियोजना को चलाने के लिये जुस्को को जिम्मा देने का प्रस्ताव कैबिनेट में ले गये थे. सरकार में उच्चतम स्तर पर हुए इस निर्णय के क्रियान्वयन के बारे में किसी ने गंभीरता नहीं दिखाया. जुस्को को मोहरदा पेयजल परियोजना के परिचालन का जिम्मा सौंपते समय इस टंकी को जुस्को को नहीं सौंपने का कारण क्या है, इसका खुलासा होना चाहिए. क्या यह टंकी जलापूर्ति का भार लेने में सक्षम नहीं है ? क्या इसके निर्माण में कोई त्रुटि है ? यह जांच का विषय है. फिलहाल विधायक सरयू राय ने जुस्को के सक्षम पदाधिकारी से कहा है कि वे टंकी का मुआयना कर इसकी सफाई करायें और इसे चालू करने का उपाय करें ताकि इससे घरों में पानी पहुंचे और दूसरी टंकियों पर से भार घंटे. उन्होंने सरयू राय के आग्रह को स्वीकार कर टंकी की सफाई करने और इसे चालू करने की कोशिश करेंगे और इसकी कमियों के बारे में बतायेंगे. जेएनएसी के विशेष पदाधिकारी से भी सरयू राय ने टंकी को साफ करना और चालू कराना सुनिश्चित करायें. यह शर्मिंदगी की बात है कि मोहरदा पेयजल परियोजना के घटिया निर्माण के कारण आज कई समस्याएं खड़ा हो रही हैं जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है. सरयू राय ने उम्मीद जतायी है कि जुस्को और जेएनएसी मोहरदा परियोजना को चालू करने के बारे में सचेष्ट होंगी तथा अपनी जिम्मेदारी निभायेंगी और कमियों को चिन्हित कर इन्हें दूर करेंगी. 2017 में जुस्को-जेएनएसी-झारखंड सरकार के बीच मोहरदा परियोजना को संचालित करने के लिये हुए समझौता को लागू करने में रोज नए पेंच खड़ा हो रहे हैं. सरयू राय के किये गये इस निरीक्षण के दौरान सरयू राय के जनसुविधा प्रतिनिधि हरेराम सिंह, मोहरदा पेयजल प्रतिनिधि अमर चंद्र झा और शंकर कर्मकार तथा खोखा गोराई आदि के अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक थे.




