जमशेदपुर : सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के तत्वावधान में चैंबर सभागार में सैरात बाजार के दुकानदारों की आयोजित एक आपात बैठक में जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) द्वारा सैरात बाजार की दुकानों के भाड़े में की गई वृद्धि पर चर्चा की गई. बैठक में उपस्थित सभी दुकानदारों ने एक स्वर में जेएनएसी द्वारा लिए गए इस एकतरफा निर्णय की कड़ी निंदा की. व्यापारियों का कहना था कि भाड़ा वृद्धि जैसे महत्वपूर्ण निर्णय से पूर्व दुकानदारों को विश्वास में लिया जाना चाहिए था. बैठक में यह भी तय किया गया कि इस विषय पर चैंबर का एक प्रतिनिधिमंडल जिला प्रशासन से मिलकर व्यापारियों की समस्याओं एवं उनकी भावनाओं से अवगत कराएगा तथा एक व्यावहारिक एवं अनुकूल समाधान का मार्ग प्रशस्त करेगा. (नीचे भी पढ़ें)

बैठक में सर्वसम्मति से जो प्रमुख बिंदु सामने आए उनमें भाड़ा निर्धारण स्क्वायर फीट के आधार पर नही, बल्कि प्रतिशत के आधार पर तय करने, वर्ष 2022 के बाद भाड़े में निर्धारित प्रतिशत के अनुसार ही वृद्धि करने, नियमों के अनुसार 15% की वृद्धि प्रत्येक तीन वर्ष में लागू करने जैसे मुद्दे शामिल रहे.इसके अलावा दुकानदारों को साधारण किरायेदार न मानकर लीज धारक की मान्यता दिये जाने, भुगतान को किराया नही, लीज रेंट के रूप में लिये जाने, लीज की अवधि न्यूनतम 25 वर्ष निर्धारित करने एवं लीज रेंट में तीन साल के अंतराल पर ही वृद्धि करने की बात भी कही गई. (नीचे भी पढ़ें)
बैठक में दुकानों की विभिन्न श्रेणियों के कारण मरम्मत एवं संशोधन में आ रही अनावश्यक बाधाओं, आवश्यक मरम्मत एवं संशोधन के लिए आसानी से एवं शीघ्र अनुमति देने, टिन शेडवाली दुकानों को पक्का निर्माण करने की स्वतः अनुमति दिये जाने के सुझाव भी दिए गए. इसी तरह दुकानों के वर्षों से लंबित नामांतरण पूरा करते हुए वर्तमान में जिससे भाड़ा/लीज रेंट लिया जा रहा है, दुकान जल्द उसके नाम पर नामांतरित करने, इसकी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने, भाड़ा बढ़ाने से पूर्व एक स्पष्ट एवं विस्तृत लिखित नियमावली तैयार करने, जिसमें यह निर्धारित हो कि किन शर्तों के तहत भाड़ा बढ़ेगा और भविष्य में वृद्धि का आधार क्या होगा, दुकानों में संशोधन एवं मरम्मत के नियम भी स्पष्ट रूप से लिखित रूप में तय करने, सभी हितधारकों के साथ बैठक कर सहमति से इसकी नियमावली तैयार किये जाने, लिखित नियम निर्धारण के बाद ही कोई भाड़ा वृद्धि लागू किये जाने की मांग भी की गई. इसके अलावा जब तक भाड़े की दर पर अंतिम निर्णय नहीं होने तक जेएनएसी द्वारा पुरानी दर पर ही भाड़ा लिये जाने, दुकानदारों/शॉप ओनर्स को पुरानी दर पर ही भाड़ा जमा करने की अनुमति देने जैसी मांगें भी की गईं. (नीचे भी पढ़ें)
बैठक में व्यापारियों ने सैरात बाजार के समुचित विकास के लिए बुनियादी सुविधाओं, मरम्मत एवं आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान देने पर भी जोर दिया गया. चैंबर अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि, “सैरात बाजार के व्यापारियों के साथ हुए विचार-विमर्श के बाद यह स्पष्ट है कि भाड़ा वृद्धि का वर्तमान निर्णय न केवल असंगत बल्कि व्यापारियों की भावनाओं के विपरीत भी है. चैंबर का स्पष्ट मत है कि कोई भी निर्णय सभी हितधारकों को विश्वास में लेकर ही किये जाने की जरूरत है. उपाध्यक्ष (ट्रेड एंड कॉमर्स) अनिल मोदी ने कहा कि, “सैरात बाजार के दुकानदार वर्षों से यहां व्यवसाय कर रहे हैं और वे लीजधारक हैं, न कि साधारण किरायेदार. भाड़ा निर्धारण की प्रक्रिया पारदर्शी और दीर्घकालिक होनी चाहिए, जिससे व्यापारियों को स्थायित्व मिल सके.”



