
जमशेदपुर : स्वास्थ्य मंत्रालय पर भाजपा द्वारा किये गये हमले का जवाब कांग्रेस ने दिया है. कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विजय खां ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि भाजपा के जिला अध्यक्ष और प्रवक्ता के आरोपों का जवाब दिया है कि भाजपा के लोगों को स्वास्थ्य विभाग के ऊपर और खासकर एमजीएम् के ऊपर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है क्योंकि भाजपा के लोगों ने 25 वर्षों से अपनी ठेकेदारी प्रथा को एमजीएम् में चलाया है और एमजीएम् अस्पताल की व्यवस्था को आईसीयु में डाल दिया है. पिछले 5 वर्ष मुख्यमंत्री, एवं 20 वर्षों तक मंत्री सह विधायक रहते हुए पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पूरी व्यवस्था को खण्डहर में तब्दील कर दिया. स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर आरोप लगाने वाले भाजपा नेता को पहले अपने गिरेबान झाँक लेना चाहिए. जब 164 नवजात शिशुओं की मौत एमजीएम अस्पताल में हुआ था तो जिला कांग्रेस कमिटी ने साकची गोलचक्कर पर लगातार 3 दिनों तक भूख हड़ताल की थी, लेकिन इसके बावजूद तात्कालिक मुख्यमंत्री रघुवर दास को एक बार भी एमजीएम् अस्पताल में जाने का समय नहीं मिला. आज किस मुंह से भाजपा के लोग यह आरोप स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर लगा रहे है. विदित हो की एक सप्ताह पहले ही स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता का ऑपरेशन रिम्स हॉस्पिटल रांची में किया गया, डॉक्टरों ने उन्हें अभी आराम करने का सलाह दिए थे लेकिन कोविड महामारी के बावजूद, अपने जान के परवाह न करते हुए एक दिन बाद से ही जनता की सेवा में लग गए. जिला कांग्रेस कमिटी अपने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के कार्यों में गर्व महसूस करती है की इतने अल्पकालीन समय में उन्होंने इस कोरोना की महामारी में भी निम्नलिखित काम किये है जो इस प्रकार है :
- 110 डेडिकेटेड कोविड बेड की व्यवस्था।
- कोविड जांच के लिए लैब को दुरुस्त किया गया, राज्य का पहला जांच यही से शुरू हुआ।
- ट्रुनेट मशीन के माध्यम से जांच की संख्या बढ़ाई गई और मरीजों के इलाज की शुरुआत की गई ।
- प्लाज्मा थेरेपी की शुरुआत की गई, रांची रिम्स, जमशेदपुर में टीएमएच को दी गई अनुमति, टाटा मोटर्स में शुरू होगा जल्द |
- जमशेदपुर में प्रोफेशनल कॉलेज, डीबीएमएस स्कूल, मुसाबनी पुलिस ट्रेनिंग सेंटर और जीआरडी स्पोर्ट्स में कोविड केयर अस्पताल में कुल 3000 बेड की वैकल्पिक व्यवस्था की गई |
- एतिहात के तौर पर होटलों और विभिन्न क्लबों को अधिग्रहण कर पेड क्वारेन्टीन केंद्र बनाए गए हैं |
- नए 28 चिकित्सकों की नियुक्ति अनुबंध के आधार पर एमजीएम में किया गया है |
- पुरवर्ती सरकार के समय से 9 महीने से मेडिकल स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों का वेतन और पीएफ लंबित था जिसे स्वास्थ्य मंत्री ने तुरंत दिलवाने का कार्य किया ।
- चिकित्सकों की उपस्थिति को लेकर लगातार शिकायत आती थी, वर्तमान समय में रोस्टर प्रणाली के तहत चिकित्सकों का अटेंडेंस होता है जिसकी मोनिटरिंग स्वयं सुपरिटेंडेंट करते हैं ।
- कई महीने से लंबित ऑक्सीजन पाईप लाइन की प्रक्रिया शुरू करवाया जिससे आधुनिक तकनीक से डायरेक्ट मरीज के बेड तक ऑक्सीजन जाता हैं ।
- 18 महीने से 3 मोक्ष वाहन बेकार पड़ा हुआ था उसे चालू करवाया, जिससे प्रत्येक माह 100 से 115 शव लाये ले जाये जाते हैं।
- प्राइवेट एम्बुलेंस द्वारा मनमानी वसूली को रोकने के लिए 500 रुपये का फिक्स रेट तय किया गया जो 10 किलोमीटर के लिए हैं, साथ ही उससे ज्यादा के लिए 9 रुपये प्रति किलोमीटर की दर तय की गई हैं ।
- अस्पताल में रोशनी की कमी थी, 2 हाई मास्ट लाइट और नर्स क्वार्टर समेत पूरे अस्पताल परिसर में विधुत व्यवस्था दुरुस्त किया गया ।
- वर्षो से पड़े बेकार फर्नीचर, जंग लगे स्क्रेप के कारण बहुत गंदगी हुई थी जिसे समिति बनाकर हटाने की ओर अग्रसर ताकि सफाई व्यवस्था दुरुस्त रहे ।
- पहले बच्चा चोरी और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुका था, मात्र 30 गार्ड के भरोसे था वर्तमान में 60 नए गार्ड के साथ 90 गार्ड सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं 4 महीने से एक भी बच्चा चोरी या मारपीट की घटना नहीं हुई।






