धनबाद/जमशेदपुर : धनबाद में बैंक डकैती के दौरान पुलिस के साथ हुए मुठभेड़ में मारे गये शुभम सिंह और पकड़े गये दो डकैतों को लेकर पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है. उनके दो अन्य भागे साथियों की तलाश की जा रही है. जमशेदपुर पुलिस की टीम भी धनबाद पहुंचकर देर रात से ही लगातार उन डकैतों से पूछताछ कर रही है. बताया जाता है कि जमशेदपुर के मानगो उलीडीह मेन रोड स्थित बैंक में हुए डकैतीकांड से संबंधित कई अहम जानकारी हाथ लगी है. पुलिस को उन लोगों ने बताया है कि उनके गैंग के लोग ही इसमें शामिल थे. लेकिन वे लोग नहीं थे. उस गैंग में बिहार, यूपी, मध्य प्रदेश और बंगाल के साथ-साथ ओड़िशा के भी अपराधी शामिल है, जो घुम-घुमकर बैंक डकैती करने के बाद वापस अपने गांवों में जाकर रहते थे. मोबाइल लेकर नहीं जाना है, यह ख्याल रखते थे. बताया जाता है कि उनकी गिरफ्तारी के बाद कई तरह के डकैतीकांड का खुलासा हो सकता है.
मारे गये डकैत शुभम सिंह की मां और दोनों बहनें शव लेने पहुंची
मंगलवार को धनबाद के बैंक मोड़ मुथूट फाइनेंस कांड में मारे गए भूली के शुभम सिंह की मां और दोनों बहनें बुधवार की सुबह धनबाद के एसएनएमएमसीएच अस्पताल में पहुंची. उन लोगों ने बिलखकर रोने लगी. मां की ममता फूट पड़ी थी. वह चीख रही थी कि यह कैसा न्याय है कि उसके बेटे की लाश को भी उसे नहीं दिखाया जा रहा है. वह तीन घंटे से इंतजार कर रही है. बिलखती मां कह रही थी कि हम मानते हैं कि मेरा बेटा गलत था, लेकिन सिर्फ एक ही को क्यों मारा गया. दो जो पकड़े गए उन्हें क्यों नहीं मारा. दो जो भागे उन्हें क्यों नहीं पकड़ा गया है. शुभम की बहनें भी रो रही थीं. शुभम की मां कह रही थी कि उसका बेटा लावारिस नहीं है, वह लाश ले जाएगी और अपने हाथों से उसका दाह संस्कार करेगी. मेरे खानदान का दिया तो बुझ गया लेकिन पुलिस अगर चाहती तो उसे पैर में गोली मारकर पकड़ सकती थी. मां कह रही थी कि उसके पिता तो घटना के बाद बिचलित हो गए हैं. अनाप शनाप बोल रहे हैं. एक महीने से मेरा बेटा घर नहीं आया था. मेरा बेटा ऐसा था नहीं लेकिन गलत संगत में फंसकर वह इस तरह का काम करने लगा होगा. लेकिन इसकी जानकारी उन लोगों को नहीं थी. मंगलवार को धनबाद में मुथूट फाइनेंस से सोना लूटने आये डकैतों और पुलिस के बीच हुए मुठभेड़ में मारे गये 21 वर्षीय शुभम सिंह का परिवार मूल रूप से बिहार के आरा के कोइलवर का निवासी है. पिता विश्वजीत सिंह निजी आउटसोर्सिंग कम्पनी में ड्राइवर हैं. शुभम डीएवी कुसुंडा से इंटर पास है और परिवार वालों को उसने जानकारी दी थी कि वह एनडीए की पढ़ाई पूरी करके पुणे में डिफेंस की ट्रेनिंग कर रहा है. मुहल्ले में इसके लिये पिछले वर्ष मिठाई भी बांटी थी. लेकिन वह इधर ही रह रहा था. हाल के दिनों में उसने गलत लोगों के साथ अपराध की दुनिया मे कदम रख दिया. जानकारी के अनुसार उसका धनबाद में कोई अपराधिक इतिहास नहीं रहा है. उसकी दो छोटी बहने भी हैं. अंतिम बार राखी के मौके पर वे लोग उससे मिली थी.






