
जमशेदपुर : जमशेदपुर में कोरोना वायरस को लेकर चल रही जांच में तेजी आई है। जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज के लैब में सोमवार को कुल 134 सैंपल की जांच की गई, जिसमे कोरोना वायरस का कोई संक्रमण नही पाया गया यानी रिपोर्ट नेगेटिव पाया गया है। दूसरी ओर जमशेदपुर के आजादनगर से 5 लोग पकड़े गए है जो संदिग्ध माने गए है। उनसे भी पूछताछ की गई और सैंपल की जांच की गई। इसी तरह जमशेदपुर के सर्किट हाउस गोलचक्कर पर एक बिना किसी दस्तावेज के एक गाड़ी को पकड़ा गया है जो लोहरदगा से जमशेदपुर आये थे। उनको भी पकड़कर क्वारंटाइन में रखा गया है।

दूसरी ओर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए लोगों पर की जा रही दवा के छिड़काव के खिलाफ एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय का कहना है कि यह छिड़काव शारीरिक और मानसिक, दोनों रूप से हानिकारक है।
एडवाइजरी में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति कोरोना वायरस के संपर्क में आ गया है तो उसके शरीर पर दवाइयों का छिड़काव करने से भी वायरस खत्म नहीं होगा। मंत्रालय ने कहा है कि ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है जो इसकी पुष्टि करे कि इससे शरीर का बाहरी हिस्सा संक्रमण मुक्त हो जाता है।
मंत्रालय ने जारी एडवाइजरी में कहा है कि लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए या उन्हें संक्रमण मुक्त करने के लिए सोडियम हाइपो क्लोराइट जैसी दवाइयों के छिड़काव के प्रभाव के संबंध में उसके पास कई सवाल आए थे। मंत्रालय ने कहा कि लोगों पर दवा के छिड़काव को मीडिया में काफी हाइप मिल रही है और कुछ जिलों तथा स्थानीय निकायों के क्षेत्र में इस्तेमाल भी हो रहा है। वायरस नाशक एक रसायन है जोकि रोग उत्पन्न करने वाले रोगाणुओं या फिर अन्य हानिकारक सूक्ष्म जीवों को नष्ट करते हैं। यह उन पदार्थों को संदर्भित करता है जो निर्जीव वस्तुओं पर मजबूत रासायनिक गुणों के कारण इस्तेमाल किए जाते हैं। कोविड-19 के मरीजों या संदिग्ध मरीजों द्वारा जिस जगह को बार-बार छुआ जाता है उसे संक्रमण मुक्त बनाने के लिए रासायनिक दवाइयों/ घोलों आदि के उपयोग की बात कही गई है। इस प्रक्रिया में एहतियात बरतने की भी आवश्यकता होती है। एडवाइजरी में कहा गया है कि व्यक्तियों और समूह पर किसी भी सूरत में ऐसी दवाइयों का छिड़काव करने की सलाह नहीं दी जाती है। किसी भी व्यक्ति या समूह पर रासायनिक घोल का छिड़काव शारीरिक एवं मानसिक रूप से नुकसान पहुंचाता है।
एडवाइजरी में कहा गया है क्लोरीन का लोगों पर छिड़काव से आंखों और त्वचा पर खुजली होने के साथ ही उल्टी और दूसरी अन्य समस्याएं हो सकती हैं। सोडियम हाइपो क्लोराइट के इस्तेमाल से म्यूकस बनने से लेकर नाक, गले, श्वसन प्रणाली में दिक्कत आ सकती है। इसके अलावा ऐसे कदमों से लोगों के बीच संक्रमणमुक्त होने के बारे में गलत धारणा बन सकती है और सामाजिक दूरी तथा हाथ धोने जैसे सुरक्षात्मक कदमों व जागरूक पहलों को नुकसान पहुंच सकता है।
घर-घर सर्वे में नया खुलासा, जमशेदपुर में विदेश से 326 लोग आकर रह रहे थे
जमशेदपुर में कुल 326 लोग विदेश यात्रा कर जमशेदपुर में रह रहे थे और प्रशासन को इसकी भनक ही नहीं थी। कोरोना महामारी के छिपे मरीजों की पहचान के लिए जिला प्रशासन के घर-घर सर्वे में इसका खुलासा हुआ है। सर्वे का काम लगभग पूरा हो गया है। हालांकि जमशेदपुर पूर्वी विधान सभा क्षेत्र के 100 बूथों की रिपोर्ट अभी तक जमा नहीं हुई है। 14 अप्रैल को यह सर्वे शुरू हुआ था जो रविवार को संपन्न हुआ। रविवार को कुल 1710 परिवारों का सर्वे हुआ।
जिन 671 बूथों की रिपोर्ट जमा हुई है, उसके अनुसार कुल एक लाख 29 हजार 991 परिवारों का सर्वे हुआ। इनमें से यात्रा करने वालों की संख्या 2,931 है। कुल 17 लोगों में सर्दी, खांसी, बुखार के लक्षण मिले। उनकी जांच कराई जा रही है। विदेश से 326 लोग, अन्य प्रदेशों से 2082 और राज्य के अन्य जिलों से कुल 523 लोग जमशेदपुर पहुंचे। हालांकि 100 बूथों की रिपोर्ट जमा होने के बाद आंकड़ों में बढ़ोत्तरी तय है।
विदेश यात्रा वालों की संख्या 1107 हुई
01 मार्च के बाद विदेश यात्रा कर जमशेदपुर में रह रहे लोगों की संख्या बढ़कर अब 1,107 हो गई है। इस सर्वे से पूर्व जिला प्रशासन के पास 781 लोगों के विदेश से आने की जानकारी थी। अब इसमें 326 और जुड़ गए हैं। जहां तक यात्रा इतिहास वालों की कुल संख्या का सवाल है, यह बढ़कर 15397 हो गई है। 14,290 दूसरे राज्य या झारखंड के अन्य जिलों से यात्रा कर आए हैं।
1045 को लगाया गया था सर्वे में
इस सर्वे में 671 बीएलओ, 378 स्टैटिक सर्विलांस कर्मी, 67 सुपरवाइजर और 18 अधिकारी लगाए गए थे। इस प्रकार कुल 1045 अधिकारी व कर्मचारियों ने मिलकर इस सर्वे को पूरा किया।







