जमशेदपुर : जमशेदपुर के आजादनगर थाना क्षेत्र में हुए यशोदा चीटफंड घोटाले में सोमवार को न्यायायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सुप्रिया रानी तिग्गा ने दोषियों को तीन साल की सजा सुना दी. हालांकि कोर्ट के इस फैसले से पीड़ित महिलाएं नाखुश है. उनका कहना है की कोर्ट ने उनके साथ इंसाफ नहीं किया. जज द्वारा सजा के लिए दलीलें नहीं सुनी गई.
वहीं सभी बिंदुओं पर सुनवाई भी होनी चाहिए. इस मामले में दोषियों को तीन साल की सजा बहुत कम है. चुंकि दोषी पहले ही ढाई साल की सजा काट चुके है. इस आधार पर बस अब उन्हे छह माह ही जेल में काटने होंगे. महिलाओं का कहना था कि इसके खिलाफ वह हाईकोर्ट में अपील करेंगी. इस मामले में वकील शिव शंकर ने कहा कि कोर्ट ने हर उस बिंदू पर जांच किए बिना ही दोषियों को सजा सुना दी.

840 महिलाओं से करोड़ो रुपये की कि थी ठगी
यह मामला मई 2017 में तब सामने आया जब यशोदा चीटफंड कंपनी महिलाओं से लिए हुए रुपये लेकर फरार हो गई. महिलाओं ने आजादनगर थाना में यशोदा चीटफंड कंपनी का संचालन करने वाले मेदनीपुल निवासी पुरणो शंकर गांगुली, स्थानीय निवासी शौकत अली फारुख, नुरुल हक, शमशुल हक, मो. इकबाल और युसुफ अली के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था. मामले में संचालक पुरणो शंकर गांगुली फारार है वहीं पुलिस ने पांचों आरोपियो को पकड़कर जोल भेज दिया था, ज्ञात हो कि यशोदा चीटफंड में 840 महिलाओं से 80 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई थी पर माना जाता है कि यह कंपनी करोड़ो का घोटाला कर के बैठी है.






