जमशेदपुर : जमशेदपुर के एमजीएम थाना क्षेत्र के भिलाई पहाड़ी देवघर (ससुराल) में किशोरी मुर्मू (31) को पति एवं ससुर द्वारा गला दबाकर हत्या कर दिये जाने तथा साक्ष्य छूपाने की उद्देश्य से जला देने के मामले में जमशेदपुर कोर्ट के एडीजे -2 आभाष वर्मा की अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान आरोपी पति जितेन मुर्मू और ससुर ठाकुर मुर्मू को दोषी करार दिया हैं. अदालत ने सजा के बिंदू पर 15 जून को सुनवाई करेगी. दोनों आरोपी घटना के बाद से ही जेल में बंद हैं. इस मामले में कुल आठ लोगों की गवाही हुई हैं. अदालत ने दोनों आरोपी को भादवि की धारा 302 (हत्या) और धारा 201 ( साक्ष्य छूपाने) में दोषी पाया हैं. घटना 7 मार्च 2021 की हैं. काटजोर जाहिर टोला, सालगाडीह चांडिल निवासी धनाई मांझी ने एमजीएम थाने में दोनों पिता -पुत्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. इसमें बताया था कि मृतका बहन किशोरी मुर्मू की शादी वर्ष 2013 में जितेन मुर्मू के साथ हुई थी. (नीचे भी पढ़ें)
शादी के बाद उसे एक बेटा और एक बेटी हैं, बेटा पांच साल का बेटी 18 माह की हैं. बहन को ससुराल में ससुर और पति के द्वारा प्रताड़ित किया जाता रहा. हमेशा झगड़ा -झंझट होता था. 7 मार्च 2021 की रात 3.45 बजे बेटा शंकर मांझी की मोबाइल पर ठाकुर मुर्मू ने फोन कर बताया कि बहन की मृत्यु हो गई हैं. सूचना पर भिलाई पहाड़ी बहन के ससुराल पहुंचे तो देखा कि बहन अधजली अवस्था में चारपाई पर पड़ा हैं. कारण पूछने पर जितेन ने बताया कि वह स्वंय अपने शरीर में आग लगा ली हैं. शव को देखने पर पाया कि जीभ निकली हुई हैं. उन्हें विश्वास हैं कि पति एवं ससुर मिलकर बहन किशोरी की गला दबाकर हत्या कर दी हैं और साक्ष्य छूपाने की उद्देश्य से मृत शरीर में आग लगा दी हैं. पुलिस ने मामले में पति और ससुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.



