जमशेदपुर : जमशेदपुर के आजादनगर थाना क्षेत्र में रंगदारी के लिये गोली मारने वाले अब्दुल रज्जा उर्फ जावेद को एडीजे-4 राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने सोमवार को सात साल की सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. अदालत ने उसपर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. इसके साथ अलग-अलग धाराओं में उसे सजा सुनाई गई है. अदालत ने धारा 307/34 (जानलेवा हमला ) के तहत साल साल 10 हजार रुपए जुर्माना और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत उसे पांच साल की सजा और 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है. साथ ही जुर्माना नहीं देने पर 3 मार और 1 माह कुल 4 माह का साधारण कारावाज की सजा भी दी गई हैं. सभी सजायें साथ-साथ चलेगी. अपर लोक अभियोजक राजीव कुमार ने बताया कि इस मामले में कुल 12 लोगों की गवाही हुई थी. घटना 24 मार्च 2014 की है. घटना के संबंध में आजादनगर थाना क्षेत्र के जाकिरनगर रोड नंबर 8 के रहने वाले मो. असलम के बयान पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था. असलम ने मामले में कहा था कि घटना के दिन उनका 15 वर्षीय बेटा जावेद हुसैन आधी रात को घर के बरामदे में पढ़ रहा था. तभी गोली की आवाज सुनकर असलम दौड़े. इस बीच उन्होंने देखा कि छोटा बच्चा और जावेद उर्फ अब्दुल रज्जाक गोली मारकर बाइक पर सवार होकर भाग रहा है. बेटा जावेद हुसैन जमीन पर तड़प रहा था और शरीर से खून निकल रहा था. घटना के बाद जावेद को इलाज के लिये टीएमएच में भर्ती कराया गया था. जहां उसका इलाज हुआ था. इस मामले में छोटा बच्चा को कोर्ट से पहले ही सजा मिल चुकी है. अब्दुल रज्जाक मामले में फरार चल रहा था. वह इस मामले में कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण कर जेल गया था. सोमवार को उसे वीडियोकॉनफ्रेसिंग के माध्यम से पेशी कराया गया था.






