जमशेदपुर : जमशेदपुर के बड़े क्रिमिनल के तौर पर अपनी पहचान बनाने की कोशिश करने वाले मनीष सिंह को पुलिस ने जेल भेज दिया है. मनीष सिंह ने पुलिस को पूछताछ में कई सारी जानकारी दी है और बताया है कि उसने अपने फरारी के दौरान कई कारोबारियों को धमकाया है और कई कारोबारियों ने उनको रंगदारी भी दी है. उन्होंने बताया है कि उनकी सूची में कई कारोबारियों का नाम है. उस सूची के आधार पर नंबर बदलकर व्यापारियों को या तो फोन किया जाता था या फिर किसी और तरीके से उनको धमकाया जाता था. (नीचे भी पढ़ें)
मनीष सिंह की सूची में कई सारे व्यापारियों के नाम है, जिसको रंगदारी के लिए फोन किया जाता और रंगदारी वसूली जाती. दूसरी ओर, मनीष सिंह की गिरफ्तारी को लेकर बातें सामने आयी है कि जमशेदपुर के पारडीह स्थित गोल्डन लीफ रिजॉर्ट में पहले से ही मनीष सिंह था. मनीष सिंह के करीबी ने ही थानेदार को फोन किया कि मनीष सरेंडर करना चाहता है. (नीचे भी पढ़ें)
इसके बाद थानेदार वहां पहुंचे और मनीष सिंह ने सरेंडर किया. मनीष को जब पुलिस लेकर जा रही थी, तब वीडियो किसी ने बनाया, जिसमें यह कहता साफ तौर पर सुना जा रहा है कि उनको आर्म्स मत दिखा दें पुलिस. बताया जाता है कि मनीष सिंह को इनकाउंटर का डर सता रहा था. लिहाजा, उसने सेफ जगह चुना और गोल्डन लीफ रिसार्ट में सरेंडर किया, जहां चारो ओर सीसीटीवी लगी हुई है. (नीचे भी पढ़ें)
इसके अलावा उनके लोग वीडियो भी बना रहे थे. फिलहाल, इस मामले में पुलिस का अधिकारिक बयान आना बाकि ह







