
उप विकास आयुक्त ने की पेयजल स्वच्छता विभाग की समीक्षा, कहा- योजनाओं में लायें तेजी
जमशेदपुर : जमशेदपुर के उपविकास आयुक्त (डीडीसी) विकास और जनता की योजनाओं को लेकर रेस हो गये है. इसको लेकर कई कदम उठा रहे है और लगातार बैठक कर रहे है. जमशेदपुर के उप विकास आयुक्त मनीष कुमार द्वारा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा की गई. कार्यपालक अभियंता को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि पेयजलापूर्ति से संबंधी सरकार की सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं को निर्धारित समय में धरातल पर उतारें. हर-घर नल योजना में धीमी प्रगति पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए ग्रामीण जलापूर्ति की इस योजना के कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया. जमशेदपुर जिले के दोनो प्रमंडल में करीब 3.5 लाख से अधिक घरों को योजना से जोड़ना है, इसके लिए समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने का निदेश दिया गया जिससे ग्रामीणों को नल से शुद्ध जल उपलब्ध हो सके. अभी तक जमशेदपर प्रमंडल में 98 हजार तथा आदित्यपुर प्रमंडल में मात्र 13 हजार घरों को इस योजना से आच्छादित किया गया है, उप विकास आयुक्त ने कहा कि अगर समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण नहीं किया गया तो कई परिवार इस योजना का लाभ लेने से वंचित रह जाएंगे इसलिए समयबद्धता एवं गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। कार्य की गति को बढ़ाना होगा. उप विकास आयुक्त ने कहा कि पंचायत या टोला स्तर पर हर घर जल टेप वाटर ( क्रियाशील घरेलू जल नल संयोजन या एफएचटीसी), मेगा जलापूर्ति नदी आधारित एवं लघु जलापूर्ति सौर ऊर्जा आधारित बोरिंग के माध्यम से जल उपलब्धता हेतु कार्य कराया जा रहा है, उसके रख-रखाव के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करें. भू-गर्भीय जल के संवर्धन पर भी ध्यान देना आवश्यक है. अन्य पेयजलापूर्ति योजना को पूर्ण करने में जितनी भी अन्तर-विभागीय मामले हैं, उसके लिए संबंधित विभागीय पदाधिकारी के साथ आपस में समन्वय बनाकर समस्या का निदान किया जाए. चापाकल या सोलर जलमीनार के खराब पड़े होने की स्थिति में स्वत: संज्ञान लेते हुए भी पेयजल स्वच्छता विभागीय पदाधिकारी को अविलंब मरम्मतीकरण का निर्देश दिया गया. बैठक में कार्यपालक अभियंता जमशेदपुर प्रमंडल अभय टोप्पो, जिला समन्वयक एसबीएम-जी व अन्य उपस्थित थे, वहीं सभी एई व जेई वीसी से जुड़े. (नीचे भी पढ़ें)
उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में हुई समाज कल्याण विभाग की समीक्षात्मक बैठक
जमशेदपुर के उप विकास आयुक्त मनीष कुमार द्वारा जिला सभागार में आहूत एक बैठक में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा की गई. बैठक में सावित्रीबाई फुले समृद्धि योजना में अधतन प्रगति, सेविका-सहायिका नियुक्ति, कुपोषण उपचार केन्द्र, वन स्टॉप सेंटर, आंगनबाड़ी केन्द्र निर्माण तथा अन्य विभागीय योजनाओं की समीक्षा की गई. उप विकास आयुक्त ने कहा कि राज्य सरकार ने छात्राओं को शिक्षा से जोड़ने के लिए सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना की शुरूआत की है. इस योजना से आच्छादित बालिकायें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो सकेंगी ऐसे में सभी सुयोग्य बालिकाओं को चिन्हित करें, सभी सीडीपीओ एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं को विद्यालय के प्राचार्य से समन्वय बनाते हुए लक्ष्य प्राप्ति का निदेश दिया गया. सेविका और सहायिका के रिक्त पदों को भरने के लिए नियमसंगत कार्रवाई करते हुए प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया. फिलहाल जिले में 17 सेविका एवं 29 सहायिका का पद खाली है. आंगनबाड़ी केन्द्रों में पठन-पाठन, पोषाहार वितरण, भवनों की स्थिति, पोषण वाटिका आदि की जांच को लेकर उप विकास आयुक्त द्वारा सभी 25 महिला पर्यवेक्षिका एवं 5 सीडीपीओ को 30-30 आंगनबाड़ी केन्द्रों की जांच तीन दिनों में करने एवं रिपोर्ट समर्पित करने का निदेश दिया गया. उन्होने कहा कि कई आंगनबाड़ी केन्द्रों में स्थानीय स्तर पर कुछ न कुछ नवाचार जरूर हो रहा होगा उसे देखें. जर्जर केन्द्रों का भी रिपोर्ट मांगा गया. जिले में कुपोषण उपचार केन्द्र में दी जा रही सुविधाओं को लेकर उप विकास आयुक्त ने संतुष्टि जाहिर करते हुए कहा कि वे खुद भी इन उपचार केन्द्रों का निरीक्षण करेंगे. सौ फीसदी बेड ऑक्यूपेंसी बनाये रखने तथा उपचार के बाद घर लौटने वाले बच्चों का ट्रैकिंग प्रोफाइल बनाने के निर्देश दिए. वन स्टॉप सेंटर, मानव तस्करी को लेकर प्राप्त शिकायतों में कार्रवाई, महिला हेल्पलाइन नंबर 181 की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए. बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नेहा संजना खलखो, सीडीपीओ व महिला पर्यवेक्षिकायें मौजूद रहीं.




