जमशेदपुर : लगातार हो रही बारिश के कारण पूर्वी सिंहभूम जिले की जीवन रेखा मानी जाने वाली सुवर्णरेखा और खरकई नदी एक बार फिर उफान पर हैं. दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है. इससे तटीय इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. इस दौरान दोनों नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया है. आदित्यपुर में खरकई नदी का जलस्तर 133.85 मीटर पहुंच चुका है, जो खतरे के निशान से 3.85 मीटर उपर है. (नीचे भी पढ़ें)

खरकई नदी के खतरे का निशान 130 मीटर है. उसी तरह सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर 123.50 मीटर के करीब पहुंच चुका है. खतरे का लेबल 121.50 के ऊतर है, जो खरते के निशान से 2 मीटर ऊतर बह रहा है. (नीचे भी पढ़ें)

निचला इलाका जलमग्न : नदी में पानी बढ़ने से रात से ही बागबेड़ा, रानीडीह, मतलाडीह, जुगसलाई, आदित्यपुर, राम मड़ैया बस्तीस लंका टोला, कदमा शास्त्रीनगर, भाटिया पार्क समते कई तटीय इलाकों में घरों में पानी घुस गया है. (नीचे भी पढ़ें)

मौसम विभाग का अलर्ट : मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के पश्चिमी हिस्सों में यानी सिमडेगा, गुला, लोहरदगा, लातेहार, पलामू और गढ़वा सहित दक्षिण पूर्व, मध्य (रांची, खूंटी, हजारीबाग और रामगढ़) में भारी बारिश का अनुमान है. (नीचे भी पढ़ें)

फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है. लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और नदी किनारे जाने से बचें. (नीचे देखें तस्वीर)







