जमशेदपुर: जमशेदपुर के सदर अस्पताल परिसर में संचालित ब्लड बैंक तथा एमजीएम अस्पताल के ब्लड बैंक की जांच कर रही टीम ने अपनी रिपोर्ट शनिवार को विभाग को सौंप दी है. दोनों ही ब्लड बैंकों में बीते सप्ताह निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं के बाद शनिवार को एक बार फिर जांच की गई. अधिकारियों ने ब्लड बैंक से संबंधित दस्तावेजों, जांच प्रक्रिया और उपयोग में लाई जा रही किटों की बारीकी से समीक्षा की. सदर अस्पताल परिसर में स्थित ब्लड बैंक का निरीक्षण सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल और ड्रग इंस्पेक्टर अबरार आलम ने किया. दोनों अधिकारी शनिवार को दोबारा ब्लड बैंक पहुंचे, जहां उन्होंने रिकॉर्ड और जांच रजिस्टर की पड़ताल की. टीम ने रक्त परीक्षण से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं की जांच कर रिपोर्ट तैयार की, जिसे स्वास्थ्य विभाग को भेज दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं, एमजीएम अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक की जांच टीम में डॉ. आर. के. मंधान और ड्रग विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर गौरव कुमार शामिल थे. इन दोनों अधिकारियों ने भी शनिवार को ब्लड बैंक पहुंचकर आवश्यक दस्तावेजों और जांच प्रक्रियाओं की समीक्षा की. निरीक्षण के उपरांत दोनों अधिकारियों ने संयुक्त रूप से रिपोर्ट तैयार कर विभाग को प्रेषित कर दी. जांच टीम ने पाया कि ब्लड बैंक में ब्लड टेस्टिंग के लिए कीट से जांच की जा रही थी. इस पर टीम ने तत्काल निर्देश जारी करते हुए कहा कि अब से केवल एलाइजा किट के माध्यम से ही ब्लड की जांच की जाएगी. इसके साथ ही टीम ने अस्पताल प्रबंधन को एलाइजा किट की अतिरिक्त आपूर्ति शीघ्र कराने के निर्देश दिए हैं ताकि ब्लड की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की कमी न रहे. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच का उद्देश्य ब्लड बैंक संचालन को पूरी तरह मानक और पारदर्शी बनाना है, ताकि रक्त संक्रमण से संबंधित किसी भी जोखिम को टाला जा सके. रिपोर्ट मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग आगे की कार्रवाई तय करेगा.



