
जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित होटल अलकोर के मालिक राजीव दुग्गल समेत 7 लोग जमानत मिलने के बाद राजीव दुग्गल समेत तमाम लोग घाघीडीह जेल से बाहर आ गये है. बुधवार को वे जेल से बाहर आ गये है. जेल से बाहर आने वालों में होटल अलकोर के मालिक राजीव दुग्गल, मैनेजर धनंजय सिंह, राजू भालोटिया, शरद पोद्दार, दीपक अग्रवाल, राहुल अग्रवाल शामिल है. इस मामले में पकड़ी गयी कोलकाता की लड़की को पहले ही जमानत मिल चुकी है.
वही इस मामले के आरोपी रजत जग्गी ने हाईकार्ट में मूव नही किया था, जिसके चलते बेल नही मिला है जबकि लड्डू मंगोतिया को भी इस मामले में बेल मिल गया है लेकिन एक धोखाधड़ी मामले में फंसे होने के कारण जेल के अंदर ही उनको समय बिताना पड़ेगा. वही जेल से बाहर आने के बाद होटल अलकोर के मालिक राजीव दुग्गल ने कहा है की उनको न्यायालय पर काफी भरोसा था और आगे भी रहेगा. उन्होंने कहा कि अब होटल के दफ्तर को खोलना होगा. दफ्तर को खोलने के लिए वे अब प्रयास करेंगे. सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट ने इन सारे आरोपियों को जमानत प्रदान कर दी थी. हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद कागज मंगलवार तक नहीं आया. मंगलवार की रात तक कागज आया, जिसके बाद बुधवार को सारे आरोपियों को जेल से रिहा किया गया. करीब 73 दिनों तक जेल में रहने के बाद होटल अलकोर के मालिक राजीव दुग्गल समेत तमाम आरोपी जेल से बाहर आ गये है.
क्या था पूरा मामला :
बिष्टुपुर स्थित होटल अलकोर को लॉक डाउन के दौरान ही खोला गया था. इस मामले को लेकर बिष्टुपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी राजेश सिन्हा ने छापामारी की थी. छापामारी के दौरान कई लोगों को उन्होंने पकड़ा था, लेकिन सबको बाद में छोड़ दिया गया. जमानतीय धारा लगाकर सबको छोड़ दिया गया था. इस मामले में बाद में जब मीडिया ने मामले की गंभीरता को जब उठाया तब पुलिस ने तत्काल नौ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

इस मामले में होटल अलकोर के मालिक राजीव दुग्गल, लड्डू मंगोतिया समेत अन्य लोगों को जेल भेज दिया था. कोलकाता की एक महिला को भी जेल भेजा गया था. कुल 8 लोगों को जेल भेजा गया था. इसमें डीएसपी अरविंद कुमार के बयान पर अवैध धंधा, देह व्यापार करने का एफआइआर दायर कर दिया था और सबको जेल भेजने के बाद होटल को ही सील कर दिया था. यह सीलिंग अब तक जारी है. बीच में कर्मचारियों का वेतन देने के लिए प्रशासन और पुलिस की देखरेख में कार्यालय को खोला गया था, जिसको बाद में फिर से सील कर दिया गया. अब सील खोलने को लेकर भी कदम उठाने होंगे, जिसके बाद ही कोई कार्रवाई हो सकेगी.







