
जमशेदपुर : यूथ इंटक के राष्ट्रीय महासचिव नितेश राज एवं झारखंड प्रदेश यूथ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष शैलेश पांडेय ने उपश्रमायुक्त कार्यालय मे जाकर उपश्रमायुक्त (डीएलसी) से मुलाकात कर मजदूरों के वर्तमान समस्या से अवगत कराया. इसमें सबसे बड़ी समस्या है कि कोल्हान प्रमंडल के अधिकांश कंपनी 5 मई 2020 तक अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दी हैं. इसके जवाब में उपश्रमायुक्त राजेश प्रसाद ने कहा कि श्रम सचिव भारत सरकार द्वारा लॉकडाउन शुरू होते ही चिट्ठी निर्गत हुई थी, वह पूरे लॉकडाउन पीरियड के लिए प्रभावी रहेगी और उसी पत्र के तहत प्रबंधकों को अपने नियमित मजदूरों/ ठेकेदार मजदूरो एवं अन्य किसी प्रतिष्ठान में कार्यरत मजदूरों को वेतन भुगतान करना है. अगर कोई प्रतिष्ठान अपने मजदूरों का भुगतान नहीं करता है तो मजदूर उपश्रमायुक्त कार्यालय / श्रम अधीक्षक कार्यालय या पूर्व मे दिए हुए फोन नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं. दूसरा प्रवासी मजदूरों की समस्या को उठाने पर उपश्रमायुक्त ने कहा कि हमें मालूम है कि अन्य प्रदेशों से भी बड़ी तादाद में आए मजदूर झारखंड में मजदूरी का काम करते हैं. विशेषकर पड़ोसी राज्य बिहार के. उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूर जो अपने राज्य में वापस जाना चाहते हैं. उनके लिए झारखंड सरकार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा रही है. वह अपना रजिस्ट्रेशन करा ले। फिर संबंधित राज्य व्यवस्था करके उन्हें राज्य वापस बुला लेगा. बहुत सारी कंपनियों मे मार्च माह के काटे गए मजदूरों का पीएफ अभी तक नहीं लौटाई गयी है. इस संबंध में उपश्रमायुक्त ने कहा कि उस कैटेगरी में आने वाले कंपनी अविलंब मजदूरों का काटा हुआ पीएफ का पैसा लौटा दे नहीं तो विभागीय कार्यवाही की जाएगी. झारखण्ड मे लौटे मजदूरों को यहां काम दिलाने के सवाल पर उपश्रमायुक्त ने कहा कि जिला स्तर पर उपायुक्त ऑफिस से उन मजदूरों के सर्वे एवं डाटा कलेक्शन का काम शुरू हो गया है. इसके बाद उन्हें काम दिलाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा कि उन्हें काम दिलाया जाए.




