
जमशेदपुर : एक तरफ पूरा विश्व कोरोना के संक्रमण को लेकर त्राहिमाम कर रहा है. देश में 24 मार्च से ही लॉकडाउन जारी है. हर तरफ इस बीमारी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. इन सबके बीच पीएम मोदी के आह्वान पर कोरोना योद्धा यानि मेडिकल स्टाफ, डॉक्टरों सफाई कर्मियों, पुलिसकर्मियों एवं सुरक्षाकर्मियों का सम्मान करने का अपील किया जा रहा है. वैसे हर जगह से इन कोरोना योद्धाओं के सम्मान किए जाने की खबरें भी आ रही है, लेकिन झारखंड के जमशेदपुर स्थित कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की सुरक्षा में लगे होमगार्ड के जवानों पर अस्पताल के कर्मचारी के बेटे ने ही अपने नशेड़ी साथियों के साथ मिलकर जानलेवा हमला कर बुरी तरह से घायल कर दिया है. घटना देर रात की बताई जा रही है. बताया जाता है कि अस्पताल की सुरक्षा में तैनात जवान जवानों को जैसे ही पता चला कि अस्पताल के बर्निंग वार्ड के बगल में बने पुराने नर्सिंग क्वार्टर में नशेड़ियों का जमावड़ा होता है, तो उन्होंने वहां छापेमारी की जहां पाया कि अस्पताल के ही चालक गौरी महाली का बेटा अपने शराबी साथियों के साथ बैठकर वहां शराब और गांजा पी रहा है, जिसे पकड़ कर उनके द्वारा मेन गेट पर लाया गया. जहां समझाने के बाद भी चालक के बेटे ने डंडे से जवानों पर हमला कर दिया. जिससे 4 जवान घायल हो गए. जिनमें दो को गम्भीर चोटें आईं हैं, जिनका नाम राजीव कुमार ओझा और मनीष कुमार है, जबकि जवान करण सिंह और रामनारायण दुबे भी मामूली रूप से घायल हुए हैं. उधर सभी घायल जवानों ने पूरे मामले से साकची थाना को अवगत कराया. जहां देर रात थाना चालक के बेटे को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई. वैसे इस घटना में दो और युवकों के भी शामिल होने की बात बताई जा रही है जो मौका देख भागने में सफल रहे. घटना में गंभीर रूप से जख्मी घायल जवान राजीव कुमार दुबे ने बताया कि उन्हें लगातार सूचनाएं मिल रही थी, बर्निंग वार्ड के बगल में खाली पड़े क्वार्टरों में अस्पताल कर्मियों के पुत्रों द्वारा ही नशा का सेवन किया जाता है, इसी को देखते हुए उनके द्वारा वहां छापेमारी की गई. जिसके बाद यह घटना घटी. वैसे अस्पताल में यह कोई नई बात नहीं है. इससे पूर्व भी ऐसी घटनाएं होती रही है. ऐसे में वैश्विक संकट के बीच जब अस्पताल की सुरक्षा में लगे जवान ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो अस्पताल की सुरक्षा का जिम्मा कौन लेगा. वैसे पूरे मामले पर पुलिसिया अनुसंधान शुरू हो चुका है.







