
जमशेदपुर : जमशेदपुर के जुबिली पार्क का रास्ता बंद करने का विरोध तेज होता नजर आ रहा है. भाजपा नेता अभय सिंह ने इस मसले को झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश के समक्ष उठाया है और मांग की है कि इसको पार्टी जनहित को देखते हुए राज्यस्तरीय मुद्दा उठाये. दीपक प्रकाश ने सारी बातों को वाजिब बताया है और कहा है कि इस मसले पर वे जरूर कोई न कोई कदम उठायेंगे. जमशेदपुर के वर्तमान परिस्थिति जुबिली पार्क को लेकर अभय सिंह ने जनहित के सवाल पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश से मिलकर सारी वस्तुस्थिति की जानकारी दी. अभय सिंह ने बताया कि किस प्रकार जमशेदपुर में तानाशाही समानांतर सरकार चल रही है. हेमंत सोरेन की सरकार 23 जिलों में है परंतु 24 वे जिले जमशेदपुर में कानून संविधान से ऊपर उठकर जनता का शोषण हो रहा है. जमशेदपुर जमशेदजी नसरवान जी टाटा के सपनों का शहर है, जिसे दोराबजी टाटा ने अपनी मेहनत, लगन, तपस्या के साथ उन्होंने जमशेदपुर के आकार को फलित और फूलित किया. लेकिन दुर्भाग्य है कि अब स्थिति जमशेदपुर के अंदर बिल्कुल गड़बड़ है. अभय सिंह ने कहा है कि वे जुबिली पार्क के विरोधी नहीं है. विस्तारीकरण हो, उसके पक्ष में भी है, परंतु जिस प्रकार वर्षों से जमशेदपुर की जनता के प्रयोग में आने वाली सड़कों को बिना कानून, बिना इजाजत, बिना बताए तानाशाही तरीके से 2 वर्ष बंद कर दिया गया यह बिल्कुल गलत किया गया. जमशेदपुर में कई ऐसे प्रमाण है उनके पास जिसमें शिडयूल 1, 2, 3 ,4 ,5 की जमीन का उल्लंघन हुआ है और मनमानी ढंग से हुआ है. जनता का गला दबाकर अपनी बात मनवाने का काम हुआ है. प्रदूषण के नाम पर सड़क बंद किया जा रहा था जिसका उन्होंने विरोध किया. सबसे पहले अभय सिंह ने 4 जनवरी 2021 को जमशेदपुर के उपायुक्त सूरज कुमार से मिलकर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा था जिसकी प्रति उनके पास है. उन्होंने कहा था कि एक नागरिक होने के नाते कि जमशेदपुर का पार्क बंद रहे, जब भी सरकार या केंद्र सरकार पार्क, जिम खोलने की बात की परमिशन दें तब खुले परंतु उसके पहले केवल आने जाने वाली सड़क को प्रारंभ कर दिया जाए. इससे जमशेदपुर के ट्रैफिक को कम लोड होगा. उनसे यह भी कहा कि जमशेदपुर में सड़क दुर्घटना में 6 वर्ष में 1000 लोगों की मौत हो गई थी. उनके नेतृत्व में बहुत बड़ा आंदोलन भी किया गया था. अभय सिंह ने कहा कि झारखंड हाईकोर्ट में रिट दायर किया गया था. सारी वस्तुस्थिति की जानकारी उन्होंने दी. यह तानाशाही निरंकुशता के विरुद्ध है, जो जनहित के सवाल पर है. जमशेदपुर की जनता त्राहिमाम है और इसमें सारे वर्गों सारे लोगों को मिलकर लड़ने की आवश्यकता है. जनहित में भारतीय जनता पार्टी की तरफ पूरे जमशेदपुर की जनता की निगाहें हैं और यह आंदोलन में जमशेदपुर की जनता बढ़-चढ़कर के भाग लेगी. अभय सिंह ने दोहराया कि झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री की मिलीभगत से इतना बड़ा फैसला एकतरफा हो गया. जब से स्वास्थ्य मंत्री बने तब से मंदिरों और मठों को एवं हिंदू नेताओं पर लगातार कुठाराघात हो रहा है. स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल तक बंद करा देते हैं, कोई बोलने वाला नहीं है. एक जोरदार आंदोलन की आवश्यकता है. वे आश्वस्त होकर बातों को सुने और उनको अभय सिंह ने सारी वस्तुस्थिति की जानकारी दी.



